ब्रेकिंग
गोलाबारी और घुसपैठ का दौर खत्म, अब पर्यटन की नई पहचान बन रहे जम्मू-कश्मीर के LoC से सटे सीमावर्ती गा... Kinner Kailash Yatra 2026 Registration Date: किन्नर कैलाश यात्रा 30 जुलाई से शुरू! ऑनलाइन रजिस्ट्रेश... हरियाणा में भर्ती परीक्षाओं के 'पेपर लीक' पर छिड़ा सियासी संग्राम, AAP नेता अनुराग ढांडा ने बीजेपी क... भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में फिर गरमाई सियासत, परिजनों ने प्रशांत किशोर पर लगाए गंभीर आरो... NEET पेपर लीक मामले में बनी फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहली सुनवाई टली, सीबीआई वकील के न पहुंचने पर मिली 3... जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान PM मोदी के खिलाफ बने आपत्तिजनक वीडियो पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, सोश... जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के बाद देश की सियासत में बड़ा बदलाव, Gen Z को साधने में जुटे PM मोदी और ... इस्तीफे के बाद संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, मकर द्वार पर NDA सांसदों ने लगाए 'प्रधान जिंदाबाद' के न... PoK में भारी तनाव और हिंसा के बीच 27 जुलाई से विधानसभा चुनाव शुरू, 3 चरणों में होगी वोटिंग बिहार बंद के दौरान सिवान में AK-47 से फायरिंग करने वाला SIT जवान सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू
देशमध्यप्रदेश

बीडीएस करने वाले डाक्टरों को नहीं करनी होगी अनिवार्य ग्रामीण सेवा सरकार ने बदले नियम

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के सरकारी और निजी डेंटल कालेजों से बीडीएस कोर्स करने वाले डाक्टरों को अब अनिवार्य ग्रामीण सेवा नहीं करनी होगी। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों से यह नियम लागू होगा।

सरकार ने एक वर्ष की ग्रामीण सेवा अनिवार्य की थी।

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में डाक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार ने इनके लिए भी एक वर्ष की ग्रामीण सेवा अनिवार्य की थी। अब एमबीबीएस सीटें बढ़ने और निजी कालेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई कर निकले डाक्टरों के लिए एक वर्ष के अनिवार्य ग्रामीण सेवा का नियम लागू होने के बाद बंधपत्र के अंतर्गत पर्याप्त चिकित्सक मिल रहे हैं, इस कारण बीडीएस कोर्स यानि दंत चिकित्सकों के लिए यह बाध्यता हटा दी गई है।

एमडी-एमएस के लिए हुए सीट आवंटन में शीर्ष 10 में सात सेवारत उम्मीदवार, पहली पसंद एमजीएम इंदौर

विशेषज्ञता की बात करें तो चार ने रेडियोडायग्नोसिस, पांच ने जनरल मेडिसिन और एक ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विषय लिया है। इंदौर का एमजीएम मेडिकल कालेज एमबीबीएस और एमडी-एमएस दोनों के लिए विद्यार्थियों की पहली पसंद रहा है। इंदौर में बड़े और ज्यादा निजी अस्पताल होने की वजह से यहां नौकरी के अच्छे अवसर हैं। दूसरी पसंद भोपाल का गांधी मेडिकल कालेज रहा है।

Related Articles

Back to top button