ब्रेकिंग
दरभंगा में PM मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाला गिरफ्तार, कांग्रेस से है जुड़ा देश के लिए सिर कटा देंगे, लेकिन सत्ता के लिए समझौता नहीं करेंगे- केजरीवाल ने साधा बीजेपी पर निशाना PM मोदी पर टिप्पणी कांग्रेस-RJD की निंदनीय हरकत, राहुल गांधी माफी मांगे- भजनलाल शर्मा जम्मू में कुदरत का त्राहिमाम: बारिश से मची तबाही में 45 की मौत, उजड़े सैकड़ों आशियाने… स्कूल-कॉलेज ब... रांची: स्कूल जा रही मां-बेटी को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदा, मौके पर ही दोनों की मौत दामाद को पिलाया मिर्च का पानी, कान में डाली तेल से भिगोई रूई, फिर आंखों में झोंका चिली पाउडर… जादू ट... घर में था दोष, दूर करने के लिए दादा ने की पोते की हत्या, शव के टुकड़े कर फेंके… पुलिस की पूछताछ में ... प्रयागराज होकर चलेगी देश की पहली स्लीपर वंदे भारत, राजधानी एक्सप्रेस से इतना महंगा होगा किराया, ये ह... दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन में तकनीकी खराबी, ब्लू लाइन पर भी असर… दिखी भारी भीड़, DMRC ने दिया ये अप... मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक… पीएम मोदी ने बताया भारत के लिए जापान कितना...
देश

निर्भया केस: दोषी अक्षय के वकील का SC में अजीब तर्क, बोला-21 मिनट में गैंगरेप कैसे?

नई दिल्लीः दिल्ली निर्भया कांड के 4 दोषियों में से एक अक्षय ठाकुर की रिव्यू पिटिशन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। फांसी की सजा पाए चारों आरोपियों में से एक अक्षय ठाकुर ने सर्वोच्च अदालत से रहम की गुहार लगाई है। दोषी अक्षय के वकील एपी सिंह ने TIP यानी टेस्ट इन परेड को लेकर भी सवाल उठाए। जस्टिस भानुमति ने कहा कि इस पॉइंट को ट्रायल में कंसीडर किया गया था? सिंह ने कहा कि नहीं, ये नया फैक्ट है। सुप्रीम कोर्ट ने बहस के लिए सभी पक्षों को 30-30 मिनट का समय दिया है।

अक्षय के वकील ने कहा कि 21 मिनट में गैंगरेप कैसे हो सकता है, फर्जी रिपोर्ट बनाई गई है। साथ ही वकील एपी सिंह ने निर्भया के दोस्त पर पैसे लेकर इंटरव्यू देने पर भी सवाल उठाए। वकील ने कहा कि मेरा मुवक्किल गरीब है इसलिए उसे फांसी दी जा रही है। बता दें कि इससे पहले मंगलवार को चीफ जस्टिस एसए बोवडे ने इस मामले में खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था इसलिए जस्टिस भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ आज इस मामले पर सुनवाई कर रही है। पीठ के अन्य सदस्य जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोपन्ना है।

सीजेआई ने मंगलवार को कहा कि इस मामले में उनके एक निकटस्थ परिजन ने पीड़िता की मां की ओर से पैरवी की थी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने खुद को सुनवाई से अलग करने का निर्णय लिया। गौरतलब है कि न्यायमूर्ति बोबडे के भतीजे अर्जुन बोबडे ने पीड़िता की मां आशा देवी की ओर से मामले की पैरवी की थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button