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आर्थिक तंगी से पाना चाहते हैं छुटकारा, तो गणेश उत्सव के दौरान करें इन मंत्रों का जाप

गणेश उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाला गणेश उत्सव 10 दिनों तक धूम-धाम से मनाया जाता है। गणेश उत्सव के पांचवें दिन माता पार्वती की पूजा की जाती है। प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूरे श्रद्धा-भाव के साथ सेवा करने से हर मनोकामना पूरी होती है। उनकी कृपा से जातक को कभी किसी चीज की कमी नहीं होती। साथ ही जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें दूर्वा और मोदक जरूर अर्पित करना चाहिए। ये दोनों ही चीजें उन्हें बेहद प्रिय है। यदि आप किसी विशेष कार्य में सिद्धि प्राप्त करना चाहते हैं, तो गणेश उत्सव के दौरान बप्पा के इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप करें। इससे धन-धान्य में वृद्धि होने के साथ ही सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

भगवान गणेश मंत्र

1) ‘गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।

नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।।

धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।

गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम।।

2) ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।

3) ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा।

4) ॐ गं क्षिप्रप्रसादनाय नम।

5) ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गण्पत्ये वर वरदे नमः

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात ।।

6) ॐ वक्रतुण्डेक द्रष्टाय क्लींहीं श्रीं गं गणपतये

वर वरद सर्वजनं मं दशमानय स्वाहा ।।

7) विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लंबोदराय सकलाय जगद्धितायं।

नागाननाथ श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते।।

8) अमेयाय च हेरंब परशुधारकाय ते।

मूषक वाहनायैव विश्वेशाय नमो नमः।।

9) एकदंताय शुद्धाय सुमुखाय नमो नमः।

प्रपन्न जनपालाय प्रणतार्ति विनाशिने।।

10) एकदंताय विद्‍महे, वक्रतुंडाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात।।

11) ॐ नमो सिद्धि विनायकाय सर्व कार्य कर्त्रेय

सर्व विघ्न प्रशमनाय सर्वाजाय वश्यकर्णाय

सर्वजन सर्वस्त्री पुरुष आकर्षणाय श्रीं ॐ स्वाहा..!!

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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