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ठेकेदारों के सिंडिकेट के आगे घरघोड़ा नगर पंचायत नतमस्तक

रायगढ़। नगर पंचायत घरघोड़ा में भाजपा कांग्रेस नेताओं की जुगलबंदी के बीच ठेकेदारों का सिंडिकेट हावी हैं ।जिसे अधिकारी वर्ग का खुला संरक्षण मिल रहा है। आलम यह है कि विवादो और भ्रष्टाचार के चलते सुर्खियो में रहने वाला पंचायत टेंडर के खेल में नियमों को दरकिनार किये जाने से इससे शासन को राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। चहेतों को चेहरा और राजनीतिक पहुच से ठेका मिल रहा था। ऐसे में इसकी प्रमाणिकता टेंडर तिथि को बढ़ाने से सामने आया है। इस खेल में मानो सीएमओ व अन्य अधिकारी नतमस्तक की भूमिका में नजर आ रहे है।

दरअसल बीते दिन नगर पंचायत सीएमओ द्वारा 28-08-2023 को मैन्यूल निविदा आमंत्रित कर जमा करने की तिथि 20-09-23 निर्धारित की किया गया था। घरघोड़ा नगर के 14 वार्ड में विभिन्न अधोसंरचना का कार्य किया जाना है। जिसके लिए निविदा मंगाया गया था। कई ठेकेदारों ने रुचि लेते हुए नियम व शर्तों के साथ टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिए। लेकिन उन्हें तक झटका लग गया जब एकाएक नगर पंचायत के सीएमओ के आदेश से टेंडर तिथि को 5 दिन के लिए बढ़ा दिया गया। जिसे लेकर अब ठेकेदार लामबंद हो गए है। इसकी जमकर मुखालफत कर रहे है। बताया यह भी जा रहा है कि राजनीतिक पकड़ वाले ठेकेदार उक्त प्रक्रियाओं में भाग नही ले पाए थे। उनका टीडीआर नही बन पाया था। ऐसे में निविदा जमा करने की तिथि में एक नही सीधे पांच दिन बढ़ा दिया गया। जिससे उनके चेहते ठेकेदार निविदा डाल सके जो जानकारी सामने आ रहा है।

जबकि शासन के निर्देशानुसार निविदा जमा होने की तिथि में अगर कोई अवकाश होता है तो ही एक दिन के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ता हैं। किंतु घरघोड़ा सीएमओ अपने उच्च अधिकारियों के निर्देश के उलट आदेश निर्देश को रद्दी के टोकरी में डाल दिया गया। वहीं इसका सीधा असर शासन को राजस्व के रूप में पड़ रहा है। इस मामले में जानकर बताते है कि निविदा अवधि में जिन कार्यो का निविदा प्राप्त नही होने पर पुनः निविदा जारी करना चाहिये ताकि निकाय को राजस्व का लाभ प्राप्त हो परन्तु घरघोड़ा सीएमओ अपने ही विभाग को चुना लगाते हुए अपने चेहते ठेकेदारों को लाभ पहुचाने का प्रयास किया जा रहा है। बहरहाल घरघोड़ा में टेंडर के खेल में नगर पंचायत सीएमओ नतमस्तक नजर आ रहे है। जिसका खामियाजा शासन को राजस्व हानि तथा प्रशासनिक छवि भी धूमिल कर रहा हैं।

निविदा की शर्तों को ऐसे समझें

निविदाएं को लेकर कई तरह के दिशा निर्देश जारी किए है। जिसमे 5 प्रमुख तौर पर है, निकाय द्वारा निर्धारित निविदा प्रपत्र जारी करने एवं निविदा प्राप्ति की अंतिम तिथि को किसी अपरिहार्य कारणवश अवकाश घोषित हो जाता है तो निकाय को अतिरिक्त राशि व्यय कर संशोधित सूचना जारी करनी पड़ती है। अतः उपरोक्त स्थिति के निराकरण हेतु निविदा शर्तों में निम्नानुसार शर्त का समावेश किया जावे। अपरिहार्य कारणों से यदि निविदा प्रपत्र प्रदाय अथवा निविदा प्राप्ति की अंतिम तिथि को अवकाश घोषित होता है तो ऐसी स्थिति में निविदा प्रदाय / निविदा प्राप्ति की अंतिम तिथि आगामी कार्य दिवस को माना जावेगा। जबकि जिस तिथि से यह 5 दिवस के लिए बढ़ाया गया है उस दिन किसी भी तरह की कोई अवकाश नहीं है। इससे यह तो स्पष्ट है कि निविदा की समय सीमा बढ़ाकर लाभ दिलाने का कार्य किया गया है। जिसका असर राजस्व की आर्थिक क्षति हैं। यह आदेश अपर सचिव सौमिल रंजन चौबे ने वर्ष 2014 में जारी किया है।

वेतन देने फंड नही ,और राजस्व का कर रहे है नुकसान

घरघोड़ा नगर पंचायत की कार्यप्रणाली अजब गजब की परिस्थितियों में है। जिसमें एक तरफ़ राजस्व हानि के लिए कोई कोर कसर नही छोड़ा जा रहा है जिसकी पुष्टि भी गाहे बगाहे हो जाती है। जबकि घरघोड़ा नगर पंचायत अपने कर्मचारियों को वेतन के लिये लाले पड़े रहते है और वेतन के लिये विभाग के आगे झोली फैलना पड़ता है।आंदोलन और हड़ताल में जाना पड़ता है। इसका जीता जागता उदाहरण अगस्त माह में आंदोलन से नजर आ चुका हैं। इस बीच शासन को राजस्व नुकसान भी पहुचाया जा रहा है।

टेंडर में नियमों का उल्लंघन की जानकारी आपके माध्यम से मिला हैं इस सम्बंध में सम्बंधित घरघोड़ा नगर पंचायत के अधिकारी से इस पर विस्तृत रिपोर्ट मंगाया जाएगा। अगर कोई गड़बड़ नियमों की अनदेखी की जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।

विनय मिश्रा, सयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग बिलासपुर।

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