NGT का नया फरमान: शादी-समारोह में एंट्रैंस गेट पर लिखनी होगी मेहमानों की संख्या

नई दिल्ली: शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। मैरिज पैलेसों में ध्वनि प्रदूषण और दूसरी तरह के प्रदूषण के नियंत्रण के लिए नैशनल ग्रीन ट्रिब्युनल(एनजीटी) ने एक केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड को एक ड्राफ्ट तैयार करने को कहा है। एनजीटी के निर्देशानुसार ऐसी सभी जगहों पर नियमों के अनुपालन के बारे में डाटा पब्लिश किए जाएंगे, जहां इस तरह का आयोजन या उत्सव होगा। नियमों के तहत मैरिज पैलेसों के मेन एंट्रैंस पर कुल गैस्ट की संख्या और पार्किंग स्पेस के बार में जानकारी डिस्प्ले करना अनिवार्य है।
नियमों के तहत अगर किसी फार्महाउस में आवाज की अधिकतम सीमा का उल्लंघन किया जाता है तो दिल्ली पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। वहीं सूखे व गीले कूड़े अलग-अलग डस्टबिन में भी इकट्ठा करने का प्रावधान बनाया जाए। किसी भी समारोह में आयोजित किए जाने वाले जगह के महत्वपूर्ण हिस्सों में सीसीटीव इंस्टॉल होना अनिवार्य है। इसकी रिकॉर्डिंग बैंक्वेट हॉल, फॉमहाउस के मालिक के पास होनी चाहिए। पार्किंग स्पेस के अलावा या फिर रोड पर कहीं भी गाडिय़ां खड़ी करने की अनुमति नहीं है।
इसके अलावा अगर किसी भी बैंक्वेट हॉल या फॉमहाउस में इन नियमों का पालन नहीं होता है तो इनका संचालन तुरंत बंद करना होगा। इसके अतिरिक्त, एनजीटी ने सभी राज्य प्रदूषण बोर्ड को आदेश दिया है कि वो संबंधित राज्य प्राधिकारण से बात कर उपरोक्त गाइडलाइंस का पालन करें।





