ब्रेकिंग
BRICS Summit 2026: 'कमजोर कड़ी' से ग्लोबल ग्रोथ इंजन तक; 2012 से 2026 के बीच कैसे बदली भारत की तस्वी... 9/11 आतंकी हमले के 25 साल पूरे: पीएम नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि Vellore Church Collapse: वेल्लोर में निर्माणाधीन चर्च की छत गिरने से 3 मजदूरों की मौत, 14 घायल; NDRF... हिमाचल के पहाड़ी रास्तों पर पर्यटकों को बड़ी राहत: देवड़ और हनोगी सुरंगें यातायात के लिए शुरू Neem Karoli Baba Film: नीम करोली बाबा पर बनी ‘हनुमान अंश’ की बंपर सफलता, स्वामी कैलाशनंद गिरी से मिल... MP Politics News: 'विकास के लिए आस्था से समझौता न हो', उमा भारती ने उज्जैन के 170 साल पुराने हनुमान ... महिला किसानों को बड़ी सौगात: झारखंड में जल्द शुरू होगी 'महिला किसान खुशहाली योजना' Bank Strike News: झारखंड में 30 हजार बैंक कर्मियों की हड़ताल से कामकाज ठप, 11 से 30 सितंबर तक 4 दिन ... साहिबगंज में गंगा ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड: 28.72 मीटर पहुंचा जलस्तर, तटीय इलाकों में दहशत Sahibganj News: साहिबगंज में अनोखी शादी; पति ने 8 साल पुराना रिश्ता तोड़ खुद कराई पत्नी की उसके प्रे...
मध्यप्रदेश

जमीन के लिए दर्ज कराई दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट, महिला को 10 साल की सजा

देवास। जिले के बरोठा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बरखेड़ा कोतापाई की महिला को न्यायालय ने 10 साल की सजा सुनाई है। महिला ने अपने जेठ के लड़के के खिलाफ दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट लिखाई थी। महिला ने झूठी रिपोर्ट जमीन हथियाने के लिए की थी। यही नहीं महिला ने न्यायालय में भी झूठ का सहारा लिया।

जमीन के लिए दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट

देवास जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि 45 वर्षीय सीमाबाई ने थाना बरोठा पर अपने जेठ के लड़के के विरूद्ध दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट लिखवाई। बिना विधिपूर्ण आधार के मात्र जमीन प्राप्ति के लिये अपने जेठ के लड़के के विरूद्ध सनसनीखेज आरोप लगाया, जिसमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। महिला ने न्यायालय में भी मिथ्या साक्ष्य दी।

न्यायालय के समक्ष मिथ्या साक्ष्य देने का आरोप

मामले में न्यायालय ने सीमा बाई के विरूद्ध धारा 182, 211 व 195 की कार्रवाई करने के लिये निर्देश दिये थे। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने प्रकरण में निर्णय पारित कर सीमाबाई निवासी ग्राम बरखेडा कोतापाई थाना बरोठा को धारा 195 भादसं में दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट लिखाने और न्यायालय के समक्ष मिथ्या साक्ष्य देने के आरोप में दोषी पाते हुये 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 2 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ जयंती पौराणिक ने की।

Related Articles

Back to top button