ब्रेकिंग
Jaspal Rana Passed Away: महान निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन; खेल जगत में शो... Kejriwal Bathinda Road Show: 2027 में भगवंत मान का दोबारा सीएम बनना तय; बठिंडा में बोले अरविंद केजरी... Delhi CM Tribute: मालवीय नगर अग्निकांड और साकेत हादसे के पीड़ितों को CM रेखा गुप्ता ने दी श्रद्धांजल... Ajmera Group Money Laundering Case: निवेशकों के लिए बड़ी राहत; कोर्ट ने 8.41 करोड़ की संपत्ति लौटाने ... DRDO Missile Test: भारत की बढ़ी मारक क्षमता; DRDO ने किया बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और एंटी-शिप मिसाइल ... Punjab BJP Strategy Meeting: दिल्ली में अमित शाह के साथ बीजेपी का बड़ा मंथन; विधानसभा चुनावों के लिए ... Begusarai Police Action: आबकारी सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले नकल गिरोह का पर्दाफाश; 38 वॉकी-टॉकी और ... Diesel Purchase Rules: डीजल खरीद पर सरकार की नई पाबंदी से नोएडा की सोसाइटियों में हड़कंप; बढ़ सकता है ... Saharanpur News: एटीएस और एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई; संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में युवक गिरफ्तार Katihar Bus Accident: बिहार के कटिहार में मजदूरों से भरी बस पलटी, 25 घायल; 15 की हालत गंभीर
मध्यप्रदेश

आज से नौ दिनों तक रहेगी नवरात्र की धूम, जानें घट-स्थापना का मुहूर्त, पूजन विधि

भोपाल। शक्ति की साधना का पर्व नवरात्र रविवार से शुरू हो गया है। श्रद्धालु नौ दिनों तक मातारानी आराधना करेंगे। 15 से 24 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा का दरबार सजेगा। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। अखंड ज्योत जलाई जाएगी।

हाथी पर विराजित होकर आ रहीं मातारानी

पंडित जगजीवन दुबे और जगदीश शर्मा ने बताया हर बार माता के आगमन और प्रस्थान का वाहन अलग होता है, जो कई संकेत देता है। इस बार मां का आगमन रविवार को हाथी पर हो रहा है। इससे समृद्धि आएगी। मंगलवार 24 अक्तूबर को मुर्गा पर होगा। जिसे प्राकृतिक आपदा का संकेत माना गया है। पहले दिन यानी रविवार को मां शैलपुत्री की पूजा हो रही है। मां के इस स्वरूप को सौभाग्य और शांति का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि मां शैलपुत्री की विधि पूर्वक पूजा करने से मन कभी अशांत नहीं रहता और घर में सौभाग्य का आगमन होता है। मां शैलपुत्री स्थायित्व व शक्तिमान का वरदान देती हैं।

ऐसे करें पूजा

नवरात्र के प्रथम दिन पवित्र स्थान की मिट्टी से वेदी बनाकर उसमें जौ, गेहूं बोएं। इस वेदी पर अपने सामर्थ्य के अनुसार सोने, तांबे या मिट्टी का कलश स्थापित करें। कलश पर भी सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी या पाषाण की मूर्ति या चित्र की प्रतिष्ठा करें। मूर्ति न हो तो कलश के पीछे स्वस्तिक और उसके दोनों ओर त्रिशूल बनाकर दुगार्जी का चित्र, पुस्तक या शालिग्राम को विराजित कर पूजन करें।

देर रात तक मां दुर्गा की मूर्तियां ले जाते रहे भक्त

नवरात्र के एक दिन पहले तक पंडालों में तैयारियां पूरी हो गईं। शहर के 500 से अधिक चौक-चौराहों पर मां दुर्गा विराजित की जाएंगी। शहर के बिट्टन मार्केट, न्यू मार्केट, बरखेड़ा, 10 नंबर, पांच नंबर, छह नंबर सहित अन्य स्थानों पर बड़ी झांकियां सजाई गई हैं। पंडालों में मां दुर्गा को विराजित करने के लिए मूर्तियां ले जाते हुए अलग-अलग समितियों के पदाधिकारी व सदस्य दिखे। जय मातादी के जयकारे लगाए। ट्रेक्टर, ट्राला में मातारानी की मूर्तियां रखकर मूर्तिकारों से मूर्तियां विराजित करने के लिए ले गए।

घट स्थापना के शुभ मुहूर्त

दिन में 11:22 से 12:08 तक अभिजित नक्षत्र अमृत का चौघड़िया।

शाम 6:00 से 7:30 तक शुभ का चौघड़िया

शाम 7:30 बजे से रात्रि 9:00 तक अमृत का चौघड़िया

रात्रि 9:00 बजे से 10:30 बजे तक चल का चौघड़िया।

डिसक्लेमर : ‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button