ब्रेकिंग
मणिपुर के जंगलों में लगी भीषण आग; वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने मोर्चा संभाला, आसमान से बरसाया... "उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो"; राहुल गांधी ने किया समर्थन, बीजेपी और संघ पर साधा तीखा निशाना शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अलंकार अग्निहोत्री; दिल्ली कूच की दी बड़ी चेतावनी, जानें क्या ह... Bihar News: औरंगाबाद में पांच सहेलियों ने उठाया खौफनाक कदम; 4 की जान गई, एक की हालत गंभीर, आत्महत्या... Delhi-UP Weather Update: दिल्ली-यूपी में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट, IMD ने अगले 3 दिनों ... Jalandhar Crime: जालंधर में दिन-दिहाड़े ज्वैलर पर खूनी हमला, दुकान में घुसकर बदमाशों ने मचाया तांडव;... Punjab Road Accident: पंजाब में भीषण सड़क हादसा, पेड़ से टकराकर कार के उड़े परखच्चे; चालक की मौके पर... नशे का 'ग्लोबल नेटवर्क' ध्वस्त! विदेशों में होनी थी अफीम की सप्लाई, पुलिस ने ऐसे बेनकाब किया अंतरराष... PM मोदी ने डेरा सचखंड बल्लां में टेका मत्था; संत निरंजन दास जी से लिया आशीर्वाद, रविदास जयंती पर बड़... PM मोदी की यात्रा रविदासिया समाज के प्रति सम्मान और विश्वास का संदेश: सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल
मध्यप्रदेश

चुनाव के लिए शुभ दीपावली, मतदान को होगा लाभ

ग्वालियर. मुरैना। विधानसभा चुनाव में होने वाले मतदान के लिए दीपावली का त्योहार लाभकारी साबित होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि दीपावली का त्योहार मनाने के लिए वह लोग भी वापस अपने घरों पर आते हैं, जो रोजगार के लिए दूसरे शहर-राज्यों में पलायन कर गए हैं। दीपावली 12 नवंबर को है और विधानसभा चुनाव का मतदान 17 नवंबर को होगा, ऐसे में महानगरों से लौटे यह लोग मतदान करेंगे तो मतदान का ग्राफ बढ़ेगा।

बाहर राेजगार करने वाले लौटते हैं दीपावली पर

दरअसल, ग्वालियर-चंबल संभाग में रोजगार के अवसर न के बराबर हैं, इसलिए कस्बे व ग्रामीण क्षेत्रों के लोग रोजगार की तलाश में दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल के अलावा कई राज्यों व महानगर में जाते हैं। रोजगार की जुगत में घर छोड़ चुके यह लोग कई चुनावों में मतदान ही नहीं कर पाते, लेकिन इस साल दीपावली के कारण इन लोगों को भी मतदान का अवसर मिलेगा, क्योकि दूसरे राज्य व महानगरों में मजदूरी करने के लिए गए लोगों में से अधिकांश दीपावली से पहले ही त्योहार मनाने के लिए लौट आते हैं, जो 15 दिन से लेकर एक-एक महीने रहने के बाद वापस अपने कामों पर लौट जाते हैं।

डेढ़ लाख से अधिक लोग करते हैं बाहर नौकरी

मुरैना जिले से डेढ़ लाख से ज्यादा लोग सूरत, अहमदाबाद, दिल्ली, मुंबई, जयपुर जैसे महानगरों में काम करने जाते हैं, जिनमें से अधिकांश दीपावली मनाने लौटते हैं और एक-एक महीने बाद लौटकर अपने काम पर चले जाते हैं, फिर होली के त्योहार पर वापस आते हैं। ग्वालियर-चंबल अंचल के सबसे पिछड़े जिले श्योपुर की तस्वीर भी ऐसी है, इस छोटे से जिले में से भी एक लाख से ज्यादा लोग रोजगार के लिए घरों को छोड़कर पलायन कर चुके हैं, जो दीपावली पर अपने घर लौटकर आते हैं। मुरैना श्योपुर जैसी स्थिति भिंड, शिवपुरी, दतिया जिले में भी है, यहां से भी लाखों लोग रोजगार के लिए पलायन करते हैं।

Related Articles

Back to top button