CAA के खिलाफ अब भी विरोध जारी, जामिया की छात्रा बोली- गिरफ्तार लोगों को किया जाए रिहा

चेन्नई। नागरिकता संशोधन बिल को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच रविवार को जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्रा आयशा रेन्ना ने मलप्पुरम में कहा कि हम अल्पसंख्यक या मुस्लिम बहुजन राजनीति के उदय के गवाह बनने जा रहे हैं। हम चाहते हैं कि चंद्रशेखर (भीम आर्मी चीफ) को तुरंत रिहा किया जाए। इतना ही नहीं आयशा ने कहा कि पिछले 2 हफ्तों में, जामिया मिलिया इस्लामिया के कई छात्रों को पिनारयी विजयन सरकार और उनकी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है। हम उनकी तत्काल रिहाई की मांग करते हैं।
वहीं रविवार को पुलिस ने कहा कि पांच महिलाओं सहित आठ लोगों को रविवार को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था, जब उन्होंने ‘कोलाम’ (रंगोली) बनाकर यहां सीएए विरोध प्रदर्शन किया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन करने और दूसरों को असुविधा पहुंचाने के लिए उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
तमिलनाडु के कई हिस्सों में राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों द्वारा पिछले कई दिनों से नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। दक्षिण चेन्नई के बेसेंट नगर इलाके में रविवार को आठ लोगों के समूह ने विरोध प्रदर्शन किया।
सीएए और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के विरोध को व्यक्त करने के लिए उन्होंने ‘कोल्लम’ का इस्तेमाल किया और पुलिस द्वारा हिरासत में लेने से पहले ‘नो टू एनआरसी’ और ‘नो टू एनपीआर’ के नारे लगाए। पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने उन्हें चेतावनी दी और बाद में उन्हें छोड़ दिया। हिरासत में लिए गए लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस ने छीन लिया और उनके फोन छीन लिए।






