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दिल्ली में चलेगा मोदी मैजिक या केजरीवाल फिर बनेंगे सरताज

नई दिल्लीः दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही दिल्ली का ‘किंग’ कौन की जंग रोचक हो गई है। केजरीवाल अपने काम के दम पर तीसरी बार सीएम बनने की उम्मीद में हैं तो वहीं, बीजेपी  नरेंद्र मोदी के करिश्में के दम पर केजरीवाल को चुनौती देने उतरेगी। कांग्रेस भी इस बार पूरी तैयारी से मुकाबला करने को तैयार है। हालांकि, कांग्रेस को शीला दीक्षित जैसी कद्दावर नेत्री की कमी खलेंगी।

इंडिया अगेंस्ट करप्शन कैंपेन (2011-12) से बनीं आम आदमी पार्टी का गठन अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में हुआ। पार्टी ने अगले साल दिल्ली में हुए विस चुनावों में 70 में से 28 सीटें जीत लीं। हालांकि, बतौर मुख्यमंत्री केजरीवाल मात्र 49 दिन ही सरकार चला सकें। 2015 के चुनावों में पार्टी ने इतिहास रचते हुए 70 में से 67 सीटों पर कब्जा जमाया। इस बड़ी जीत ने केजरीवाल को राजनीति के पटल पर एक नई चमक दीं।

क्या केजरीवाल का सोशल मीडिया प्रेम लगा पाएगा आप की नैया पार
दिल्ली में चुनावी शंकनाद के साथ ही पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है। जहां 8 फरवरी को मतदान तो वहीं, 11 को नतीजे आएंगे। विगत हो कि दिल्ली में 7 लोकसभा और 3 राज्यसभा की सीटें हैं जिनका देश की राजनीति में दूरगामी असर होता है। दिल्ली विस चुनावों में मिलीं जीत ने ही केजरीवाल को बङे नेता के तौर पर उभारा था। केजरीवाल सोशल मीडिया पर भी देश के बङे नेताओं की तरह सक्रिय भी रहते हैं।

बीजेपी नरेंद्र मोदी के नाम के भरोसे ही चुनावी जंग को तैयार 
बीजेपी इस बार मुख्यमंत्री पद के चेहरे के बीना ही चुनावी रण को तैयार है। पार्टी मोदी के नाम के भरोसे ही जनता के बीच जाएंगी। वहीं मीडिया से बातचीत के दौरान अमित शाह ने भी कहा है कि जनता इस बार काम को सलाम करेंगी और जनता को ठगने वालों को सबक सिखाएंगी। मोदी के नाम पर जिस तरह भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में सभी 7 सीटों पर कब्जा किया था। वैसे ही, इसबार विस चुनावों में भी पार्टी मोदी मैजिक के भरोसे जीत दर्ज करेगी।

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