ब्रेकिंग
Ayodhya News: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा अपडेट; आरोपियों के घर से हुई ज्वेलरी और कैश की रिकवर... Maharashtra Monsoon Session: विधानसभा में गूंजा पेपर लीक का मुद्दा; विपक्ष का बड़ा हमला, सरकार पर उठा... Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर का 4 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार; भारत भ... Ram Mandir Donation Scam: 'चढ़ावा चोरों' का सामाजिक बहिष्कार शुरू; अयोध्या बार एसोसिएशन ने केस लड़ने ... Himachal Pradesh Model Panchayat: टिहरी पंचायत का बड़ा फैसला; पशु क्रूरता पर जुर्माना और पर्यावरण संर... West Bengal UCC Update: पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी; ड्राफ्ट कमेटी का ह... Noida School Timing Changed: भीषण गर्मी के चलते नोएडा-ग्रेटर नोएडा के स्कूलों का समय बदला; अब इस समय... Ram Mandir CEO Controversy: राम मंदिर प्रशासन में CEO नियुक्ति का संत समाज ने किया विरोध; 'सरकारी हस... Gorakhpur Express Mystery: ट्रेन से रहस्यमयी ढंग से लापता हुई महिला यात्री; सूटकेस भी गायब, मचा हड़क... Akhilesh Yadav Promise: सपा सरकार आई तो बदलेगी शिक्षा नीति; अखिलेश यादव का यूपी के युवाओं से बड़ा वाद...
धार्मिक

विनायक चतुर्थी पर अद्भुत योग, इन मंत्रों के जाप से परेशानियां होंगी दूर

इंदौर।  16 नवंबर (गुरुवार) को विनायक चतुर्थी है। इस दिन श्रीगणेश की पूजा की जाती है। साथ ही व्रत रखा जाता है। विघ्नहर्ता की पूजा करने से जीवन के सभी दुखों का अंत हो जाता है। सुख-समृद्धि और शांति आती है। यही कारण है कि भक्त विनायक चतुर्थी पर गणपति की विधिपूर्वक पूजन करते हैं। इस बार विनायक चतुर्थी पर शुभ संयोग बन रहे हैं।

विनायक चतुर्थी 2023 शुभ मुहूर्त

विनायक चतुर्थी 16 नवंबर को दोपहर 12.34 बजे शुरू होकर अगले दिन 17 नवंबर को सुबह 11.03 बजे समाप्त होगी।

सुकर्मा योग

विनायक चतुर्थी पर सुकर्मा योग बनेगा। यह योग सुबह 10 बजे तक रहेगा। इसके बाद धृति योग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र में दोनों ही शुभ योग हैं। इस योग में भगवान गणेश की आराधना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

रवि योग

विनायक चतुर्थी पर रवि योग बन रहा है। इस योग में भगवान लंबोदर की पूजा करने से लाभ मिलता है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को शुभ माना जाता है। इस योग में शुभ कार्य किए जाते हैं।

सुख-समृद्धि के लिए विनायक चतुर्थी पर इन मंत्रों का जाप करें-

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।

निर्विघ्न कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वेदा।।

विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लम्बोदराय सकलाय जगद्धितायं।

नागाननाथ श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते।।

अमेयाय च हेरम्ब परशुधारकाय ते।

मूषक वाहनायैव विश्वेशाय नमो नमः।।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button