ब्रेकिंग
Make in India Security Breach: स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के साथ खिलवाड़; सप्लायर कंपनी पर HAL की सख्... Surat Police Bravery: सूरत पुलिस ने दिखाई दरियादिली; जहर खाने वाले युवक को 7वीं मंजिल से सुरक्षित बच... Mamata Banerjee FIR: ममता बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें; भड़काऊ बयान के मामले में कोलकाता में दर्ज हुई FIR Bikram Majithia vs Sanjay Singh: सुप्रीम कोर्ट से मजीठिया को झटका; मानहानि मामले में अतिरिक्त गवाह ब... Jammu-Kashmir Border Alert: घुसपैठ की साजिश! कठुआ सेक्टर में जैश आतंकियों की सक्रियता, हाई अलर्ट पर ... Supreme Court on Officer Dispute: रोहिणी सिंदूरी और डी रूपा मौदगिल विवाद; SC ने जस्टिस कुरियन जोसेफ ... PM Modi 12 Years: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों का कार्यकाल 'जनकल्याण और सुशासन' का प्रतीक ... Uttarakhand Accident News: पिथौरागढ़ की दारमा घाटी में कार पर गिरी चट्टान, 2 पर्यटकों की मौत; 3 गंभी... Kainchi Dham Mela: कैंची धाम स्थापना दिवस पर उमड़ेगी लाखों की भीड़, भारी वाहनों पर रोक और ट्रैफिक एडवा... Bihar Politics: बीजेपी ने उपेंद्र कुशवाहा को दिया बड़ा झटका? विधान परिषद में जगह नहीं मिलने से बढ़ी सि...
देश

निर्भया गैंगरेप- गुनहगारों के खिलाफ डेथ वारंट जारी, 22 जनवरी को होगी फांसी

नई दिल्ली: निर्भया को आखिर सात साल बाद इंसाफ मिल ही गया। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी कर दिया है। उन्हें 22 जनवरी को सुबह सात बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया जाएगा। जज ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए दोषियों से बात की। वहीं इससे पहले सुनवाई करते हुए जज ने कहा कि हम अनंतकाल तक इस केस को नहीं खींच सकते। सभी दोषियों को नोटिस जारी किया गया था। कोर्ट में निर्भया की मां ने दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी करने की याचिका दायर की थी। इस दौरान दोषियों के वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किलों को जेल में टॉर्चर किया गया। दोषियों के वकील ने कहा कि वह क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल करना चाहते हैं। इस पर जज ने वकील को फटकार लगाई। वहीं निर्भया की मां ने कहा कि अब तो इस पर अंतिम फैसला आना चाहिए।

बता दें कि इससे पहले सोमवार को निर्भया के चार दोषियों में से एक दोषी के पिता की शिकायत को अदालत ने खारिज कर दिया था। मामले के एकमात्र चश्मदीद के खिलाफ कथित रूप से पैसे लेकर कई समाचार चैनलों को इंटरव्यू देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। बता दें कि साल 2012 में दोषियों ने इंसानियत की सारी हदें पार करते हुए निर्भया से गैंगरेप किया और फिर उसे उसी हालत में सड़क पर फेंक दिया। गैंगरेप के बाद जिंदगी और मौत की जंग के बीच जूझ रही पीड़िता ज्यादा दिन तक इस असहनीय दर्द को नहीं सह पाई और हमेशा के लिए दुनिया से विदा हो गई। इस घटना के बाद पूरे देश में प्रदर्शन हुए और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर आंदोलन भी शुरू हुआ था। मामले के चार दोषी विनय शर्मा, मुकेश सिंह, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार सिंह को सजा-ए-मौत की सजा सुनाई गई। एक अन्य दोषी राम सिंह ने 2015 में तिहाड़ जेल में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी और नाबालिग दोषी को सुधार गृह में तीन साल की सजा काटने के बाद 2015 में रिहा कर दिया गया था।

घटना का एकमात्र चश्मदीद निर्भया का दोस्त उस जघन्य अपराध वाले दिन उसके साथ बस में था और इस दौरान वह भी जख्मी हो गया था। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सिरोही ने शिकायत को खारिज कर दिया। उन्हें याचिका में प्राथमिकी दर्ज के लिए पुलिस को निर्देश देने की मांग में कोई पुख्ता आधार नजर नहीं आया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि गवाह की गतिविधियों ने मामले को प्रभावित किया और नतीजतन इस मामले में मीडिया ट्रायल शुरू हो गया। पवन कुमार गुप्ता के पिता हीरा लाल गुप्ता की शिकायत में कुछ हालिया खबरों का जिक्र किया गया जिनमें आरोप लगाया गया कि चश्मदीद ने कई समाचार चैनलों पर इंटरव्यू के लिए पैसे लिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button