ब्रेकिंग
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर शिव पूजा में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, पुण्य की जगह लग सकता ... वैलेंटाइन डे स्किन केयर: चेहरे पर आएगा चांद जैसा ग्लो, आजमाएं ये आसान घरेलू फेस पैक; हर कोई पूछेगा ख... RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान: बोले- अवैध प्रवासियों को रोकना सरकार की जिम्मेदारी, जनसांख्यिकीय... Lonavala Tragedy: लोनावाला की 400 फीट गहरी खाई में मिली नवी मुंबई की लॉ छात्रा की लाश, ट्रैकिंग के द... Mamata vs Centre: दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं? ममता बनर्जी ने बंगाल से बुलाई स्पेशल फोर्स, दिल्ली में... नोएडा मर्डर: दहेज में फ्लैट नहीं मिला तो हैवान बना पति, गर्भवती पत्नी की गला घोंटकर हत्या; ससुराल वा... Mira Bhayandar Mayor Election 2026: डिंपल मेहता या रुबीना खातून? मीरा भाईंदर के मेयर पद के लिए कांटे... Ranchi Suicide Case: एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने क्यों दी जान देने की कोशिश? बेटे की मौत के बाद म... UP RTE Admission 2026-27: यूपी के प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन शुरू, आज ही करें ऑनलाइन आवेदन; जा... खूनी इश्क! पूर्व प्रेमी के साथ संबंध बना रही थी युवती, अचानक पहुंचे नए बॉयफ्रेंड ने शुरू किया खूनी ख...
मध्यप्रदेश

हाई कोर्ट ने नर्मदा किनारे अवैध निर्माणों पर रिपोर्ट पेश करने को दी मोहलत

जबलपुर। हाई कोर्ट ने नर्मदा किनारे 300 मीटर के दायरे में अवैध निर्माण व अतिक्रमणों के मामले में राज्य शासन को रिपोर्ट पेश करने के लिए मोहलत दे दी है। इसके साथ मामले की अगली सुनवाई फरवरी के प्रथम सप्ताह में निर्धारित कर दी है। मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की युगलपीठ के समक्ष मामला सुनवाई के लिए लगा। इस दौरान याचिकाकर्ता नर्मदा मिशन और भाजपा नेता व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे की ओर से पक्ष रखा गया।

50 मीटर के दायरे में बहुमंजिला मकान

अधिवक्ताओं ने दलील दी कि मध्य प्रदेश की जीवन-रेखा नर्मदा जिन जिलों से होकर गुजरती हैं, वहां के जिला प्रशासन को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सिलसिले में गाइडलाइन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, किंतु अब तक निर्देश का पालन सुनिश्चित नहीं किया जा सका है। वहीं स्थिति यह है कि डिंडौरी में बिना अनुमति नर्मदा किनारे महज 50 मीटर के दायरे में बहुमंजिला मकान तान दिए गए हैं।

जबलपुर में 75 अतिक्रमण रेखांकित याचिकाकर्ताओं की ओर से अवगत कराया गया कि नगर निगम, जबलपुर ने अपनी रिपोर्ट में 2008 के बाद से तिलवाराघाट, गौरीघाट, जिलहरीघाट, रमनगरा, गोपालपुर, दलपतपुर, भेड़ाघाट में कुल 75 अतिक्रमण होना रेखांकित किया है। नर्मदा के जलसंग्रहण क्षेत्र व उच्च बाढ़ क्षेत्र में अवैध निर्माण व अतिक्रमण बेहद चिंताजनक हैं।

Related Articles

Back to top button