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मध्यप्रदेश

15 दिसंबर के बाद होगा मप्र कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन 15 दिसंबर के बाद होगा। इसके लिए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक उपस्थित रहेंगे। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, विधायक दल के मुख्य सचेतक रहे रामनिवास रावत, पूर्व मंत्री बाला बच्चन और उमंग सिंघार के नाम दावेदारों में प्रमुखता से सामने आए हैं।

66 सीटों पर जीती कांग्रेस

230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 66 उम्मीदवार चुनाव जीतकर पहुंचे हैं। दल का नेता विधायक चुनेंगे। इसके लिए विधायक दल की बैठक होगी। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय संगठन से विधायक दल के नेता का चयन करने के लिए पर्यवेक्षक भेजने का अनुरोध किया है।

एकजुटता का संदेश देना चाहते हैं

दरअसल, पार्टी नेता चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाए कि सभी एकजुट हैं, इसलिए आम सहमति के आधार पर निर्णय पर जोर दिया जा रहा है। विधायक दल के नेता के लिए नेता प्रतिपक्ष के लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। विंध्य अंचल में वैसे भी पार्टी की स्थिति कमजोर है। इस बार केवल पांच सीटें ही पार्टी जीत सकी है। उधर, जातीय समीकरणों के हिसाब से ओबीसी वर्ग से आने वाले रामनिवास रावत और आदिवासी वर्ग से बाला बच्चन और उमंग सिंघार के नाम भी दावेदारों में हैं।

कमल नाथ प्रदेश संगठन में करेंगे परिवर्तन

उधर, लोकसभा चुनाव को देखते हुए कमल नाथ अभी प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे पर उनकी टीम यानी प्रदेश कांग्रेस संगठन में परिवर्तन होगा। दरअसल, विधानसभा चुनाव में कई पदाधिकारियों के निष्क्रिय रहने की शिकायतें हैं। पार्टी अध्यक्ष को संगठन की रचना और आगामी दिशा तय करने के लिए अधिकृत किया गया है।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस ने सभी चुनाव जीतने व हारने वाले उम्मीदवारों से संगठन की रिपोर्ट मांगी है। दरअसल, कुछ उम्मीदवारों ने संगठन का साथ नहीं मिलने और भितरघात की शिकायत की है। इसके अतिरिक्त जिला प्रभारी, संगठन मंत्री और पर्यवेक्षकों से भी चुनाव में संगठन पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर जानकारी मांगी गई है।

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