ब्रेकिंग
आसाराम के बेटे नारायण साईं को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं: गुजरात हाईकोर्ट वापस भेजा मामला, 3 महीने म... "राजनीति में आकर भी अंडों से डर लगता है?" TMC सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, याचिका खा... छिंदवाड़ा में सीएम मोहन यादव का कड़ा एक्शन, शिकायतों पर CMHO, तहसीलदार और पटवारी तत्काल सस्पेंड NEET 2026 धांधली: परीक्षा से 3 दिन पहले लीक हुए थे पेपर! CBI चार्जशीट में NTA विषय विशेषज्ञों और सीक... E20 इथेनॉल पेट्रोल पर सियासत तेज: राहुल गांधी बोले— 'जनता की जेब से चुरा रहे पैसे', पेट्रोलियम मंत्र... महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा उलटफेर: अजित पवार की NCP की रणनीति संभालेंगे प्रशांत किशोर? सुनेत्रा पवा... अतीक अहमद के बेटों उमर और अली को मिली हाईकोर्ट से पैरोल, छोटे भाई आबान के जनाजे में होंगे शामिल गाजियाबाद 4 साल की मासूम से रेप-हत्या मामला, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद दो प्राइवेट अस्पताल ₹12 ल... मुंबई के मुलुंड में पूरी सड़क ही हो गई 'गायब'! BJP विधायक मिहिर कोटेचा ने दर्ज कराई शिकायत, BMC से म... अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत: झांसी जेल में बंद भाई अली से मिलने जाते वक्त...
मध्यप्रदेश

मुंबई-हावड़ा मेल में कराया प्रसव, रेडियोलॉजिस्ट बोले-तीर्थ यात्रा सफल हो गई

सीधी । मुंबई-हावड़ा मेल के थर्ड एससी कोच में शुक्रवार को गर्भवती महिला निकहत परवीन को प्रसव पीड़ा उठने के बाद उसका प्रसव भोपाल में कार्यरत रेडियोलॉजिस्ट डॉ. शैलेश लुनावत ने मैहर स्टेशन के पूर्व कराया। निकहत परवीन 36 सप्ताह की गर्भवती थीं, जो पारसनाथ स्टेशन से यात्रा कर रही थीं।

एसी 3 में बेटी को जन्म दिया

एसी 3 में साइड लोअर 23 नंबर बर्थ पर उन्होंने बेटी को जन्म दिया। ट्रेन के मैहर स्टेशन पहुंचने के बाद डॉ लूनावत ने मां और बच्चे को मैहर एचपीएल में भर्ती कराया। घटना की विडंबना यह थी कि एसी 3 बोगी के टीसी का रवैया असहयोगात्मक और अमानवीय था।

भोपाल से शिखरजी झारखंड तीर्थ यात्रा पर जा रहे थे डॉक्टर

डॉक्टर शैलेश लुनावत ने बताया कि भोपाल से शिखरजी झारखंड तीर्थ यात्रा पर जा रहे थे। मैहर के पहले जिस कोच में मैं बैठा था उसी में निकहत परवीन यात्रा कर रही थी। अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा होने लगी। यह देख मुझे रहा नहीं गया और मैं वहां तक पहुंच गया। प्रसव करने के लिए किसी तरह का औजार दवाइयां नहीं थी। ऐसे में नॉर्मल डिलीवरी का प्रयास किया। ईश्वर की ऐसी कृपा थी कि बेटी और मां दोनों कुशल है। मेरी तीर्थ यात्रा सफल हो गई। यह घटना मेरे जीवन के लिए यादगार रहेगा।

Related Articles

Back to top button