ब्रेकिंग
NEET Exam Stress: लातूर में पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के तनाव में NEET छात्रा ने की खुदकुशी Bakrid 2026: बकरीद पर गाय की कुर्बानी न करें मुस्लिम समुदाय; ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड की बड़ी अ... J&K NIA Raid: जम्मू-कश्मीर में NIA की बड़ी कार्रवाई; शोपियां और श्रीनगर के कई ठिकानों पर छापेमारी Karnataka River Accident: कर्नाटक के भटकल में बड़ा हादसा; नदी में सीपियां निकालने गए एक ही परिवार के... Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर में जिगरी दोस्त की पत्नी को लेकर फरार हुआ युवक; चाकू लेकर घर पर बोला ध... Delhi-Gurugram Traffic: द्वारका एक्सप्रेसवे मायापुरी रिंग रोड तक बढ़ेगा; दिल्ली-गुरुग्राम के बीच 55%... Mamata Banerjee News: ममता बनर्जी का केंद्र पर तीखा हमला, बोलीं- 'देखूंगी संविधान में ज्यादा ताकत है... Ganga Dussehra Haridwar: हरिद्वार में गंगा दशहरा पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब; हर की पैड़ी पर लगी... Palwal Rajak Case: पलक रजक मौत मामले में आरोपी पति अमित का सरेंडर; सास और देवर अब भी फरार Falta Bypoll Result: फालता में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत; देबांग्शु पांडा ने 1.09 लाख वोटों से दर्ज की ...
विदेश

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच तेहरान को एलान, जल्‍द ही दो उपग्रहों को लांच करेगा

तेहरान। वाशिंगटन और तेहरान संघर्ष के बीच ईरान ने रविवार को कहा कि वह जल्‍द ही दो उपग्रहों को लांच करेगा। ईरान का कहना है कि निर्मित उपग्रहों को जल्‍द ही अंतरिक्ष केंद्र में ले जाया जाएगा। ईरान के दूरसंचार मंत्री मोहम्मद जवाद आज़ारी जहरोमी ने इस बाबत ट्वीट करके यह जानकारी दी। ईरान ने यह एलान ऐसे समय किया है, जब वह अगले महीने इस्‍लामिक क्रांति की 41वीं वर्षगांठ मनाएगा।

बता दें कि इस समय अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात है। ऐसे में ईरान का यह कदम निश्चित रूप से दुनिया को चौंकाने वाला है। हालांकि, ईरान ने यह नहीं कहा है कि वह कब इन उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा, लेकिन अक्सर राष्ट्रीय छुट्टियों के साथ अपने प्रक्षेपणों का समन्वय करता है। ईरान का कहना है कि यह उपग्रह 90 किलोग्राम का है। इसमें हाई-रिज़ॉल्यूशन वाले चार रंगीन कैमरे लगे हैं। यह प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ कृषि और पर्यावरणीय विकास पर डेटा की निगरानी और संचार करेगा।

ईरान का कहना है कि उसका उपग्रह कार्यक्रम, उसकी परमाणु गतिविधियों की तरह, वैज्ञानिक अनुसंधान और अन्य नागरिक अनुप्रयोगों के उद्देश्य से है। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों को लंबे समय से इस कार्यक्रम पर संदेह करते रहे हैं,  क्योंकि एक ही तकनीक का उपयोग लंबी दूरी की मिसाइलों को विकसित करने के लिए किया जा सकता है। ईरान ने पिछले साल जनवरी और फरवरी में दो उपग्रहों को कक्षा में लॉन्च करने की कोशिश की और असफल रहा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button