Delhi-Gurugram Traffic: द्वारका एक्सप्रेसवे मायापुरी रिंग रोड तक बढ़ेगा; दिल्ली-गुरुग्राम के बीच 55% ट्रैफिक होगा कम

नई दिल्ली/गुरुग्राम: दिल्ली और गुरुग्राम के बीच लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और विशेष रूप से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट के रास्ते पर लगने वाले भीषण जाम से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बड़ी राहत दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने द्वारका एक्सप्रेसवे को पश्चिमी दिल्ली के मायापुरी रिंग रोड तक सीधे जोड़ने और बढ़ाने का एक बड़ा प्रस्ताव तैयार किया है। इस नए लिंक रोड के बन जाने से सेंट्रल दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली की ओर जाने व आने वाले लोग एयरपोर्ट और महिपालपुर के डरावने जाम में फंसे बिना अपना सफर तय कर सकेंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए आज गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल सकती है।
DIAL द्वारा तैयार की गई ‘एरिया-वाइड डी-कंजेशन स्ट्रेटेजी ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी मास्टर प्लान ऑफ दिल्ली एयरपोर्ट’ रिपोर्ट में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा बारापुला एक्सप्रेसवे को महिपालपुर तक बढ़ाने, UER-II विस्तार, रंगपुरी बाईपास, गुरुग्राम में ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड, रेजांगला चौक पर एलिवेटेड फ्लाईओवर और तालकटोरा-बारापुला लिंक जैसे गेम-चेंजर प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित किए गए हैं। यह विस्तृत रिपोर्ट मार्च के पहले सप्ताह में ही गुरुग्राम अथॉरिटी को सौंपी गई थी, जिस पर आज गहन समीक्षा और चर्चा होनी है। गौरतलब है कि पहले यह बैठक 12 मई को निर्धारित थी, लेकिन किन्हीं कारणों से इसे टालकर आज आयोजित किया गया है।
🛣️ दिल्ली-गुरुग्राम के इन रास्तों पर क्षमता से अधिक दबाव: महिपालपुर, शिव मूर्ति और खेड़की दौला में रोजाना रेंगते हैं वाहन
मास्टर प्लान की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली और गुरुग्राम के बीच का पूरा ट्रैफिक मुख्य रूप से नेशनल हाईवे-48 (NH-48) पर ही निर्भर है। हालांकि, द्वारका एक्सप्रेसवे और ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड जैसे वैकल्पिक रास्ते भी मौजूद हैं, लेकिन ये सभी रास्ते अंत में घूम-फिरकर इसी मुख्य हाईवे में आकर मिल जाते हैं।
यही सबसे बड़ी वजह है कि महिपालपुर, शिव मूर्ति, रजोकरी और खेड़की दौला जैसे संवेदनशील इलाकों में हर दिन पीक आवर्स के दौरान भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। आंकड़ों के मुताबिक, NH-48 और ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड पर इस समय वाहनों की यातायात क्षमता से कहीं ज्यादा दबाव है, जिसे तुरंत डायवर्ट करना बेहद जरूरी हो चुका है।
✈️ आम ट्रैफिक के चक्कर में फंस जाते हैं एयरपोर्ट जाने वाले लोग: NH-48 के केवल 17% वाहन ही होते हैं हवाई यात्री
इस रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला सच सामने आया है कि NH-48 पर पीक आवर्स (सुबह और शाम के व्यस्त समय) में चलने वाले कुल वाहनों में से केवल 13 से 17 फीसदी वाहन ही ऐसे होते हैं, जिन्हें वास्तव में एयरपोर्ट जाना होता है। शेष 83 से 87 प्रतिशत वाहन सामान्य यात्री होते हैं जो दिल्ली, गुरुग्राम और एनसीआर के अन्य सुदूर हिस्सों के बीच दैनिक आवागमन करते हैं। ऐसे में इस भारी-भरकम आम ट्रैफिक जाम का सीधा और बुरा असर उन लोगों पर पड़ता है जिनकी फ्लाइट होती है और वे समय पर एयरपोर्ट नहीं पहुंच पाते हैं।
🚗 पश्चिमी और बाहरी दिल्ली के लोगों के लिए गुरुग्राम जाना होगा बेहद आसान: धौला कुआं के चक्कर से मिलेगी परमानेंट मुक्ति
द्वारका एक्सप्रेसवे के मायापुरी रिंग रोड तक लिंक हो जाने के बाद पश्चिमी और बाहरी दिल्ली के लाखों लोगों के लिए गुरुग्राम आना-जाना बच्चों का खेल हो जाएगा। उन्हें महिपालपुर और धौला कुआं में लगने वाले घंटों के जाम से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। अभी तक स्थिति यह है कि पश्चिमी दिल्ली के लोग धौला कुआं, एयरपोर्ट और महिपालपुर के लंबे रास्ते से होकर ही गुरुग्राम पहुंचते हैं।
द्वारका एक्सप्रेसवे का मायापुरी तक विस्तार होने से विकासपुरी, उत्तम नगर, सुभाष नगर, राजौरी गार्डन, सागरपुर, जनकपुरी, दिल्ली कैंट, कीर्तिनगर, पटेल नगर से लेकर बुरारी और उत्तरी दिल्ली तक के लोगों को सीधा और सिग्नल-फ्री रूट मिल जाएगा।
🚇 मेट्रो, आरआरटिएस और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट परियोजनाओं को भी तेजी से पूरा करने की मजबूत सिफारिश
डीआईएएल की इस विस्तृत रिपोर्ट में सिर्फ सड़कों का जाल बिछाने पर ही जोर नहीं दिया गया है, बल्कि गुरुग्राम मेट्रो, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन विस्तार, डीएमआरसी (DMRC) गोल्डन लाइन और दिल्ली-अलवर रैपिड रेल (RRTS) जैसी बड़ी पब्लिक ट्रांसपोर्ट परियोजनाओं को भी युद्धस्तर पर तेजी से पूरा करने की मजबूत सिफारिश की गई है। रिपोर्ट के तकनीकी आकलन के मुताबिक, यदि सरकार द्वारा प्रस्तावित इन सभी रोड और मेट्रो प्रोजेक्ट्स को समय सीमा के भीतर लागू कर दिया जाता है, तो वर्तमान NH-48 हाईवे पर करीब 55 प्रतिशत तक ट्रैफिक का लोड कम किया जा सकता है, जिससे दिल्ली-एनसीआर दिल्ली के करोड़ों लोगों का कीमती समय और ईंधन दोनों बचेगा।






