ब्रेकिंग
Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र... जबलपुर पहुंचे CM मोहन यादव का बड़ा दावा: 'अगर सुभाष चंद्र बोस के हाथ में होती कांग्रेस की कमान, तो क... Gwalior News: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का पर्दाफाश; मानसिक रूप से कमजोर युवक से शादी कर 2 ल... Mandala Crime: शादीशुदा प्रेमिका के घर पिस्टल लेकर घुसा सनकी आशिक, दुष्कर्म के बाद पुलिस की गाड़ी को... टी20 वर्ल्ड कप से पहले खतरे की घंटी! नागपुर में जीत के बाद भी क्यों डरे हुए हैं भारतीय फैंस? फील्डिं... Gaza Peace Deal: हमास छोड़ेगा हथियार और लड़ेगा चुनाव! अमेरिका के साथ हुई ऐतिहासिक डील, फिलिस्तीन की ...
मध्यप्रदेश

जंगल में अब बफर क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए अलग से मिलेगा बजट

भोपाल। मध्य प्रदेश के जंगलों में कोर क्षेत्र के अलावा अब बफर क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार अलग से बजट उपलब्ध कराएगी। अब तक नेशनल पार्कों एवं टाइगर रिजर्व की गेट मनी से मिलने वाली राशि विकास निधि से ही बफर क्षेत्रों में विकास कार्यों होते हैं, लेकिन यह राशि पर्याप्त नहीं हो पाती है।

इसीलिए वन विभाग के वार्षिक बजट में बफर क्षेत्रों के विकास के लिए भी अलग से बजट लाइन बनेगी। जंगलों के बफर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां होती हैं और वन एवं राजस्व ग्राम स्थित रहते हैं। इनमें सड़कें, पुल-पुलियां, रपटें और अन्य सार्वजनिक निर्माण कार्य होते हैं।

बजट लाइन बनने से इनके लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा केंद्र सरकार ने बाघ एवं हाथी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए दो अलग-अलग बजट लाइनों को मर्ज कर दिया है, जिससे अब हाथियों के लिए भी बाघों की बजट लाइन से ही राज्यों को सहायता मिलेगी।

इसी तर्ज पर अब मध्य प्रदेश का वन विभाग भी अपने बजट में इन दोनों ही मदों को मर्ज कर करेगा और बाघ संरक्षण का एक ही मद रहेगा। इसी मद से हाथियों के प्रबंधन के लिए भी धनराशि दी जाएगी।

Related Articles

Back to top button