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मध्यप्रदेश

बुंदेलखंड की चार सीटों पर 35 वर्षों से भाजपा का कब्जा, कांग्रेस जीत के लिए लगातार कर रही संघर्ष

दमोह। लोकसभा चुनाव की घोषणा की जा चुकी है इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा मतदान की तारीखों की भी घोषणा कर दी गई है। चुनाव की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। इसी बीच सभी राजनीतिक दल सक्रियता के साथ चुनाव में जुट गए हैं, लेकिन यदि बुंदेलखंड की चार लोकसभा सीटों पर देखा जाए तो विगत 25 से 35 वर्षों से लगातार ही इन सीटों पर भाजपा काबिज होती आ रही है और इन संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस अपनी जीत के लिए लगातार ही प्रयासरत है। लेकिन उसे सफलता नहीं मिल पा रही है और वर्तमान के लोकसभा चुनाव में तो सफलता मिलना भी नामुमकिन सा नजर आ रहा है। इस कारण से इन चारों सीटों पर एक बार फिर भाजपा काबिज होने की स्थिति में नजर आ रही है।

इन चार लोकसभा सीटों में जहां दमोह, सागर, टीकमगढ़ और खजुराहो संसदीय क्षेत्र में 32 विधानसभा क्षेत्र में से 26 विधानसभा क्षेत्र बुंदेलखंड के शामिल हैं। वहीं 6 विधानसभा क्षेत्र विदिशा और कटनी जिले के शामिल होने के कारण यह चार लोकसभा क्षेत्र बने हुए हैं। इनमें जहां दमोह संसदीय क्षेत्र 1962 में अस्तित्व में आया तो सागर संसदीय क्षेत्र 1952 से अस्तित्व में है। वहीं टीकमगढ़ जहां वर्ष 2008 में अस्तित्व में आया तो खजुराहो भी वर्ष 1989 से अस्तित्व में आकर लगातार ही संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहा है। लेकिन इसके बाद भी यहां पर भाजपा ही काबिज होती आ रही है।

जहां दमोह संसदीय क्षेत्र में बुंदेलखंड के ही दमोह, हटा, पथरिया, जबेरा व छतरपुर जिले की बड़ा मलहरा तथा सागर जिले की रहली, देवरी और बंडा विधानसभा शामिल हैं। वहीं खजुराहो संसदीय क्षेत्र में छतरपुर जिले की चंदला, राजनगर, पन्ना जिले की पवई, गुनौर, पन्ना एवं कटनी जिले की बिजराघगढ़, मुड़वारा और बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। जबकि सागर संसदीय क्षेत्र में सागर जिले की बीना, खुरई, सुरखी, नरयावली, सागर, एवं विदिशा जिले की कुरवाई, सिरोज और शमशाबाद विधानसभा शामिल हैं। जबकि वर्ष 2008 से अस्तित्व में आई टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र में टीकमगढ़ जिले की टीकमगढ़ व निवाड़ी जिले की जतारा, पृथ्वीपुर, निवाड़ी, खरगापुर और छतरपुर जिले की महाराजपुर, छतरपुर, बिजावर विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।

लगातार यहां पर भाजपा काबिज

इन चारों लोकसभा क्षेत्र में जहां लगातार 25 से 35 वर्षों से भाजपा ही काबिज होती आ रही है। इसमें यदि देखा जाए तो दमोह संसदीय क्षेत्र से वर्ष 1989 से भाजपा ही काबिज होती आ रही है जिसमें सांसद के रूप में लोकेंद्र सिंह, चार बार रामकृष्ण कुसमारिया, चंद्रभान सिंह, शिवराज सिंह लोधी और दो बार प्रहलाद पटेल सांसद के रूप में निर्वाचित हो चुके हैं। वर्तमान में भी यहां से प्रहलाद पटेल ही सांसद थे, लेकिन उन्होंने विधानसभा चुनाव में विधायक बनने के बाद सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था जिस कारण से वर्तमान में यहां का पद रिक्त है।

खजुराहो संसदीय क्षेत्र से भी भाजपा ही काबिज होती आ रही है इस प्रकार यहां से 30 वर्षों से लगातार भाजपा का सांसद निर्वाचित हो रहा है जिसमें चार बार उमा भारती, रामकृष्ण कुसमरिया, जितेंद्र सिंह बुंदेला, नागेंद्र सिंह और वर्तमान में वीडी शर्मा यहां से भाजपा के सांसद हैं। यहां पर सिर्फ वर्ष 1999 में सत्यव्रत चतुर्वेदी ही सांसद के रूप में निर्वाचित हुए हैं अन्यथा 1989 से ही यहां पर भाजपा काबिज है। वहीं टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र में अस्तित्व में आने के बाद से लगातार ही वर्ष 2009 से वीरेंद्र खटीक सांसद के रूप में निर्वाचित हो रहे हैं। वर्तमान में भी वह यहां से सांसद भी हैं।

इसके अलावा सागर संसदीय क्षेत्र से वर्ष 1996 के बाद से लगातार ही भाजपा काबिज है जिसमें वीरेंद्र खटीक चार बार, भूपेंद्र सिंह, लक्ष्मी नारायण यादव व वर्तमान में राजबहादुर सिंह भाजपा के सांसद हैं।

भाजपा ने चार में से बदले दो प्रत्याशी कांग्रेस का सिर्फ एक घोषित

वर्तमान लोकसभा चुनाव में जहां भाजपा ने अपने चारों प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है जिसमें दो प्रत्याशियों को बदल दिया गया है। इसमें टीकमगढ़ से जहां यथावत वीरेंद्र खटीक को और खजुराहो से बीडी शर्मा को पुनः टिकट दिया गया है। वहीं सागर संसदीय क्षेत्र से राजबहादुर सिंह का टिकट काटते हुए लता वानखेड़े को टिकट दिया गया है। वहीं दमोह संसदीय क्षेत्र से सांसद प्रहलाद पटेल के विधायक बन जाने के कारण उनके स्थान पर पूर्व विधायक राहुल लोधी को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस द्वारा अभी तक सिर्फ टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र के ही प्रत्याशी की घोषणा की गई है। जहां पर दिलीप अहिरवार को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

कांग्रेस को नहीं मिल पा रही सफलता

बुंदेलखंड की चारों लोकसभा सीटों पर जहां कांग्रेस लगातार ही काबिज होने के लिए प्रयासरत है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल पा रही है। यही कारण है कि दमोह संसदीय क्षेत्र से भाजपा 35 वर्षों से तो खजुराहो से भी 25 वर्षों से टीकमगढ़ से 25 वर्षों से और सागर से 28 वर्षों से लगातार कब्जा किए हुए हैं और कांग्रेस हमेशा ही काफी अंतर से पराजय का सामना कर रही है।

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