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मध्यप्रदेश

कैथल (जयपाल रसूलपुर) : हरियाणा में साढ़े चार साल तक सत्ता में रही जननायक जनता पार्टी पर इस समय संकट के बदल छाए हुए हैं। क्या विधायक, क्या प्रदेश अध्यक्ष, एक के बाद एक धड़ाधड़ सभी अपने पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। रहती हुई कसर अब किसानों ने पुरी कर दी है जहां भी दुष्यंत चौटाला या उनके पिता जी जाते हैं तो उनका किसानों द्वारा पुरजोर विरोध किया जाता है। ऐसे में जननायक जनता पार्टी की हालत बीच भंवर कश्ती बड़ी दूर किनारा वाली हो गई है। बता दें कि दुष्यंत चौटाला कैथल के सेक्टर-18 में एक निजी प्रोग्राम में पहुंचे थे, जहां पर उन्होंने कहा कि जब कोई साथ काम करने वाला जाता है तो दुख भी आता है, लेकिन उस कारण से कोई काम में रुकावट नहीं आती, उन्हें चौधरी देवीलाल ने संघर्ष सिखाया है। उनके हौसले कभी नहीं टूटे, उनके जीवन से हमने इतने वर्षों में एक चीज सीखी है कि काम कर फल की इच्छा मत कर। मेहनत करो संघर्ष करो जनता अपने आप ताकत देगी। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कोई छोड़ता है, कोई आता है। यह तो राजनीतिक जीवन का एक पहिया है, मैं तो उनको आगे के लिए शुभकामनाएं दे सकता हूं। यह कोई आज का नहीं है, उपचुनाव के बाद जब हम लोकसभा में गए थे, तब भी बहुत से साथी छोड़कर गए थे। विधानसभा में बहुत से नए साथी जुड़े। आज लोकसभा में कोई छोड़ेगा, आगे विधानसभा में और जुड़ जाएंगे। यह तो राजनीति का पहिया है लेकिन पार्टी ना विचलित है, बल्की मजबूती के साथ खड़ी है। हमारा 10 के 10 लोकसभा सीटों पर जनसंपर्क अभियान चल रहा है। नवरात्रे शुरू हो गए हैं, आने वाले दिनों में पार्टी विचार विमर्श करके उम्मीदवारों का ऐलान करेगी। विरोध कमजोरों का नहीं मजबूतों का होता है- दुष्यंत चौटाला नैना चौटाला के द्वारा किसानों से माफी मांगने वाले के सवाल के जवाब में दुष्यंत ने कहा आज कोई केरल कर्नाटक बिहार के लोग मेरा विरोध नहीं कर रहे। हमारे अपने हैं, हमारे अपनों के इतिहास में एक समय ऐसा था जब चौधरी देवीलाल ने बहादुरगढ की टिकट गलत दे दी थी तो वर्करों ने उनके कुर्ते के बटन भी तोड़ दिए थे, कितने भी विरोध हो जाए, राजनीतिक व्यक्ति भटक नहीं सकता। हमारा विजन साफ था, किसानों को सशक्त बनाएं। खाते में उनको पैसे दें, एमएसपी पर उनकी फसल खरीदें, हमने खरीदी। सही और गलत का फैसला ना आपके सवाल कर सकते हैं, ना हमारे जवाब कर सकते। यह वही साथी हैं जिन्होंने मुझे जिताकर लोकसभा में भेजा, यह वही साथी हैं जिन्होंने विधानसभा में जितवाकर विधानसभा में भेजा यह वही साथी है, जो विरोध कर रहे हैं। यह अपने हैं और अपने ही विरोध करते हैं, लेकिन इतिहास उठाकर देख लेना विरोध कमजोरों का नहीं होता मजबूतों का होता है। अगर किसी के मन में कोई बात है तो मुझसे बात करें- दुष्यंत चौटाला विरोध करने वाले किसानों के सवाल पर दुष्यंत चौटाला बोले कि अगर किसी के मन में कोई बात है तो मुझसे बात करें। अगर आप मेरे कपड़े फड़वाना चाहते हैं तो फड़वा लो। मेरी गाड़ी तुड़वाना चाहते हैं, तुड़वा लो। आप लोग तो उनको जोश में उकसाने का काम करते हो मैंने पहले दिन कहा और आज भी कह रहा हूं हमने किसान को सशक्त बनाने के लिए काम किया है। आप पंजाब, राजस्थान, हरियाणा के किसानों का इंटरव्यू लो। हमने हरियाणा के किसानों को सशक्त बनाया है, कमजोर नहीं। आज के दिन जो व्यवस्था हम बना चुके हैं, वैसी व्यवस्था दूसरे स्टेट के लोग आने वाले 10 साल तक भी नहीं बना सकते, अगर सैनी साहब इस व्यवस्था को अच्छी तरह चला पाए तो मेरी शुभकामनाएं हैं। पार्टी की मीटिंग के बाद कैंडिडेट पर चर्चा होगी और घोषणा भी होगी।

रतलाम। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को मध्य प्रदेश में एक और बड़ा झटका लगा है। रतलाम के कांग्रेस जिला अध्यक्ष कैलाश पटेल ने पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और कैलाश पटेल भाजपा में शामिल हो गए हैं। कैलाश पटेल ने बुधवार को उज्जैन आए मुख्यमंत्री मोहन यादव के समक्ष भाजपा ज्वाइन कर ली है। आपको बता दें कि कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बुधवार की सुबह उज्जैन पहुंचे और यहां पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हो गए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैलाश पटेल का भाजपा में स्वागत किया कैलाश पटेल ने कांग्रेस से सम्मान नहीं मिलना और संगठन द्वारा सहयोग न करने का आरोप लगाया है। कैलाश पटेल का कहना है कि कांग्रेस अपनी दिशा से भटक गई है। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की मध्य प्रदेश में मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कांग्रेस पार्टी में प्रदेश के हर इलाके में टूट देखने को मिल रही है।

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