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देश में राम के नाम पर कितने गांव, जिनका जिक्र PM मोदी ने किया

लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण की वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को न्यूज एजेंसी एएनआई को इंटरव्यू दिया. इस दौरान उन्होंने तथाकथित ‘उत्तर-दक्षिण विभाजन’ पर अपनी राय रखते हुए कहा, ‘भारत को टुकड़ों में देखना भारत के प्रति नासमझी का परिणाम है. अगर आप हिंदुस्तान में देखें तो प्रभु राम के नाम से जुड़े हुए गांव सबसे ज्यादा कहां है? वह तमिलनाडु में है.’

2011 की जनगणना के मुताबिक, भारत में करीब 6 लाख 40 हजार गांव हैं. इस डाटा को अध्ययन करने पर पाया गया कि ऐसे कई सारे गांव हैं जिनका नाम हिंदू देवी-देवताओं पर रखा गया है. भगवान राम के नाम पर उत्तर और दक्षिण समेत देशभर में हजारों गांव हैं. इसके अलावा महाभारत के किरदारों और मुगल शासकों पर भी गांव के नाम देखे गए हैं. आइए जानते हैं भारत के गांवो में कौन-कौन से नाम प्रचलित हैं.

सबसे ज्यादा इन हिंदू भगवानों पर हैं गांव के नाम

भारत में हिंदू भगवानों से संबंधित नाम के गांवों की संख्या हजारों में है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल को छोड़कर देश के लगभग सभी राज्यों में भगवान राम और कृष्ण के नाम पर एक न एक गांव जरूरी मौजूद है. भारत में 2011 तक भगवान राम के नाम पर 2,626 गांव थे. उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 1,026 ऐसे गांव थे. जबकि 3,309 ऐसे गांव थे जिनके नाम कृष्ण के अलग-अलग नामों से संबंधित हैं. इनमें माधोपुर, गोपालपुर, गोविंदपुर, श्यामनगर शामिल हैं. अकेले गोबर्धन नाम से 81 गांव है. इसी तरह गणेश के नाम पर 446 गांव पाए गए हैं. सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक साहिब पर 35 गांव हैं.

महाभारत और रामायण के किरदारों पर नाम

हिंदू धर्म में, महाभारत और रामायण दो सबसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण महाकाव्य ग्रंथ हैं. यही वजह है कि देश में इन ग्रंथों के किरदारों पर भी गांव के नाम रखे जाने का चलन है. साल 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, देश में 187 गांव ऐसे हैं जो भरत (भगवान राम के भाई) के नाम पर हैं. वहीं, लक्ष्मण (भगवान राम के भाई) के नाम पर भी 150 से ज्यादा गांव हैं.

रामायण की मुख्य किरदार और राम की पत्नी ‘सीता’ के नाम पर 75 हैं, जबकि प्रचलित पात्र ‘हनुमान’ पर 367 गांव हैं. इनके अलावा कुछ गांवों के नाम रावण (सभी बिहार में) और रावण के पिता अहिरावण पर भी मिलते हैं. दिलचस्प बात है कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी गांवों के नाम राम नगरी ‘अयोध्या’ हैं.

महाभारत की बात करें तो पांडवों में सबसे ज्यादा भीम के नाम के गांव हैं. इनकी संख्या 385 है. पांडवों में भीम दूसरे स्थान पर थे भी और उनमें सबसे बलशाली माने जाते हैं. इसके बाद आते हैं अर्जुन, जो पांडवों में तीसरे स्थान पर थे. उनके नाम पर 259 गांव हैं. सत्य के प्रतीक माने जाने वाले और पांडवों में सबसे बड़े भाई युधिष्ठिर पर केवल दो गांव हैं. भीष्म पितामह के नाम पर केवल एक गांव है, जो उड़ीसा के गंजम जिले में है.

मुगलों में किसने मारी बाजी?

हिंदुस्तान पर मुगलों का शासन 300 सालों से ज्यादा तक रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2011 में मुगल शासकों के नाम पर दर्जनभर गांव हैं.सबसे ज्यादा गांव तीसरे मुगल बादशाह अकबर के नाम पर हैं. इनकी कुल संख्या 234 है. जबकि मुगल साम्राज्य के संस्थापक और अकबर के दादा ‘बाबर’ पर पर 62 गांव हैं. अकबर के पिता हुमायूं के नाम पर 30 गांव हैं. ताजमहल और लाल किला बनवाने वाले शाहजहां के पास 51 और आखिरी प्रमुख मुगल शासक औरंगजेब के पास 8 गांव हैं. औरंगजेब नाम के सभी गांव उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में हैं.

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