ब्रेकिंग
ILBS का 'लिवर मिशन': दिल्ली मॉडल से होगा हर नागरिक का फ्री चेकअप, सरकार ने खोला मदद का पिटारा कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें: किसान आंदोलन पर टिप्पणी मामले में कल बठिंडा कोर्ट में होंगी पेश मराठी कार्ड पर छिड़ा घमासान! भाजपा अध्यक्ष बोले- भाषा के नाम पर जहर न घोलें, वोटिंग से पहले सियासी प... मिसाइल से लेकर माइंडसेट तक... सेना प्रमुख ने समझाया क्या है 'शौर्य संप्रवाह', दुश्मनों के लिए बजाई ख... सावधान! उत्तर भारत में जारी है 'कोल्ड वेव' का कहर; रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी, जानें मौसम विभाग की नई चे... प्रयागराज माघ मेला: श्रद्धालुओं के बीच मची चीख-पुकार, दूसरे दिन भी भड़की आग; आखिर कहाँ है सुरक्षा इं... तनाव के बीच तेहरान से आया राहत भरा मैसेज: 'टेंशन मत लेना...', जानें ईरान में फंसे भारतीय छात्रों का ... शमशान से घर पहुंचने से पहले ही उजड़ गया परिवार! सीकर में भीषण हादसा, एक साथ उठीं 6 अर्थियां राणा बलचौरिया मर्डर केस में SSP मोहाली के बड़े खुलासे, गिरफ्तार शूटरों ने बताए चौंकाने वाले सच घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच खुले पंजाब के स्कूल, अभिभावकों ने उठाई छुट्टियां बढ़ाने की मांग
उत्तरप्रदेश

कौन हैं दिनेश सिंह, जिन्हें BJP ने रायबरेली से दिया टिकट, फ्लाइट में प्रियंका से कहा था- खतरे में है आपकी कुर्सी

बीजेपी ने रायबरेली लोकसभा सीट पर एक बार फिर दिनेश प्रताप सिंह पर भरोसा जताया है. उनका सामना कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से है. योगी सरकार में कृषि विपणन और उद्यान मंत्री दिनेश बीते लोकसभा चुनाव में रायबरेली सीट पर चुनाव लड़े थे. हालांकि, सोनिया गांधी ने डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों से हराया था. इस हार के बावजूद बीजेपी ने उन्हें एमएलसी और मंत्री भी बनाया. अब वो दूसरी बार रायबरेली सीट पर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. चर्चा है कि इस सीट से प्रियंका गांधी चुनाव लड़ सकती हैं. हालांकि, अभी तक कांग्रेस ने पत्ते नहीं खोले हैं.

योगी सरकार में मंत्री दिनेश सिंह कांग्रेस में भी रह चुके हैं. साल 2010 में वो पहली बार एमएलसी चुने गए थे. इसके बाद दूसरे चुनाव में भी वो एमएलसी बने. हालांकि, साल 2018 में कांग्रेस से उनका मोहभंग हुआ और वो बीजेपी में शामिल हो गए. इसके बाद बीजेपी ने 2019 के चुनाव में रायबरेली से उन्हें टिकट दी. उनके सामने कांग्रेस की सोनिया गांधी थीं. इस चुनाव में सोनिया गांधी को 5.34 लाख वोट मिले, जबकि दिनेश को 3.67 लाख वोटों से ही संतोष करना पड़ा.

फ्लाइट से दिल्ली से लखनऊ जा रहे थे दिनेश

दिनेश सिंह ने3 अक्तूबर 2021 को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट किया था, जो कि सुर्खियों में रहा था. वो फ्लाइट से दिल्ली से लखनऊ जा रहे थे.फेसबुक पोस्ट में वो लिखते हैं, दिल्ली के टर्मिनल दो से लखनऊ की यात्रा इंडिगो फ्लाइट से करने की लिए एग्जिट रो की 19-C सीट पर बैठा था. सीट 19-B पर एक बुजुर्ग बैठे थे. उन्होंने पेट पर बेल्ट बांध रखी थी. थोड़ी देर में ऐसा लगा कि बोर्डिंग कम्प्लीट हो गई. अब कोई यात्री नहीं आएगा. 19-D-E-F तीनो सीटें खाली थीं. बीमार बुजुर्ग को राहत देने के लिए मैंने 19-D पर बैठ गया.

‘मैंने उनकी ओर देखा तो प्रणाम किया’

थोड़ी देर में सीट के पास प्रियंका वाड्रा जी आकर खड़ी हो गईं और बोली ये सीट मेरी है. मैंने उनकी ओर देखा तो प्रणाम किया और बगल की अपनी सीट पर जाने लगा. इतने में प्रियंका जी ने बड़े गुस्से में मेरे अभिवादन का बिना जवाब दिए कहा आप इतनी जल्दी हमारी सीट नहीं ले पाओगे. इस पर मैंने जवाब दिया आपकी सीट खतरे में तो है, यही क्या कम है और अपनी सीट पर बैठ गया.

‘यह आपके परिवार के कलेजे में छुपा है’

मुझे लगा कि बुजुर्ग को सीट पर बैठाकर मैंने कोई गलती नहीं की थी. मगर, प्रियंका गांधी का आचरण इतना गंदा होगा, मुझे यकीन नहीं होता. प्रियंका जी रायबरेली की आराध्य जनता ने तो दिनेश प्रताप सिंह की मेहनत आचरण से खुश होकर आपकी सीट छीन ली थी, लेकिन सोनिया जी को रायबरेली की सीट कैसे मिली है, यह आपके परिवार के कलेजे में छुपा है, जिसे मैं खूब जानता हूं.

‘मुझे आंखे दिखाकर रायबरेली से सांसद नहीं हो पाओगी’

इस पोस्ट में दिनेश आगे लिखते हैं, आपकी मदद करने वाले हमारी पार्टी के वो नेता अब इस दुनिया में नहीं हैं, जिनकी चौखट पर गांधी परिवार रायबरेली की सीट बचाने की भीख मांगने गया था. उन्होंने आपकी मदद की थी. अब हमारी पार्टी में आपकी मदद करने वाले नहीं है. मुझे आंखे दिखाकर रायबरेली से सांसद अब नहीं हो पाओगी. न ही दिनेश सिंह अब आप से डरने वाला है.

Related Articles

Back to top button