Budget 2020 लोकसभा में पेश, सीतारमण बोली- देश की जनता ने हमें विकास के लिए चुना

देश विदेश में सुस्त पड़ते आर्थिक परिदृश्य के बीच केन्द्र सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा आम बजट आज पेश किया जा रहा है। मोदी कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपने भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नए उत्साह के साथ हम भारत के लोगों के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। लोगों ने फिर से हमारी आर्थिक नीति में भरोसा जताया।
- देश की जनता ने हमें विकास के लिए चुना है।
- आमदनी बढ़ाने और खरीदने की क्षमता बढ़ाने का बजट है। 2014-19 में सरकार ने मौलिक सुधारों पर जोर दिया था।
- अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश जारी।
- सभी की उम्मीदें पूरी करने की कोशिश।
- हमारी आर्थिक नीतियों पर विश्वास के कारण हमें जनादेश मिला।
- जीएसटी रेट घटने से हर परिवार को हर महीने औसतन 4% की बचत हो रही है।
- जीएसटी ने कुछ चुनौतियों का भी सामना किया। हमने 60 लाख से ज्यादा नए टैक्सपेयर को जोड़ा।
अर्थव्यवस्था को गति सबसे बड़ी चुनौती
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह दूसरा बजट होगा। बजट ऐसे समय पेश किया जा रहा है जब अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर में है। इस वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर पांच प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह दर 11 साल में सबसे निचली वृद्धि होगी। भू-राजनीतिक क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध के बाद अब कुछ शांति दिख रही है। ऐसे में घरेलू अर्थव्यवस्था को गति देना वित्त मंत्री के समक्ष सबस बड़ी चुनौती है। सीतारमण को बजट में 2025 तक देश को पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में पहल करनी होगी। इसके लिये स्पष्ट खाका बजट में पेश किया जा सकता है।
आयकर दरों में कटौती की उम्मीद
आर्थिक समीक्षा में भी उद्योग जगत में विश्वास बढ़ाते हुये कारोबार सुगमता बढ़ाने सहित कई उपाय सुझाये गये हैं। सरकार ने निवेश प्रोत्साहन के लिये पिछले साल सितंबर में कारपोरेट कर दरों में बड़ी कटौती कर दी। कंपनियों के लिये कर में बड़ी कटौती के बाद अब यह कयास लगाया जा रहा है कि व्यक्तिगत आयकर दरों में भी कटौती की जा सकती है। इसमें छूट की न्यूनतम सीमा को ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जा सकता है। व्यक्तिगत आयकर स्लैब में बदलाव के साथ ही ऊंची आय वालों के लिये एक नया स्लैब बजट में रखा जा सकता है।
किसानों की उम्मीदें
ग्रामीण और कृषि क्षेत्र में मांग बढ़ाने के लिये पीएम किसान योजना के तहत राज्यों को अधिक से अधिक किसानों का योजना के तहत लाने के लिये नये उपाय घोषित किये जा सकते हैं। नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, बिजली, सस्ते आवास, रीयल एस्टेट और निर्यात प्रोत्साहन के क्षेत्र में नये प्रोत्साहनों की घोषणा की जा सकती है।
बजट से होगा रोजगार में इजाफा?
जुलाई 2019 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया तो इसमें कॉरपोरेट और बिजनेस जगत को राहत देने वाली कई घोषणाएं की गईं. इसलिए इस बार के बजट में इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं दिखता कि पहले दो बार उपेक्षित रखे गए वर्ग यानी मिडल क्लास पर फोकस किया जाए. मौजूदा आर्थिक माहौल में वित्तमंत्री के हाथ खुलकर खर्च करने के लिहाज से तंग रह सकते हैं. हालांकि, देश को ये भरोसा जरूर है कि बजट में ऐसे ऐलान जरूर किए जाएंगे, जिससे न सिर्फ रोजगार में इजाफा हो बल्कि लोगों की खरीदारी करने की क्षमता भी बढ़े.





