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निर्भया केस: वो दलीलें, जिससे 12 घंटे पहले टल गई चारों दोषियों की फांसी

निर्भया के दोषियों को शनिवार सुबह 6 बजे फांसी होनी थी लेकिन 12 घंटे पहले ही इस दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। निर्भया गैंगरेप के दोषियों पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26), अक्षय ठाकुर (31) और मुकेश कुमार सिंह (32) की फांसी पर कोर्ट के रोक लगाने के बाद एक बार फिर लोगों में गुस्सा है और सवाल किया जा रहा है कि आखिर कब देस की बेटी को इंसाफ मिलेगा। बताया जा रहा है कि दोषियों के पास अभी और कानून विकल्प बचे हैं जिसके चलते फांसी में देरी हो रही है। बता दें ऐसा दूसरी बार हो रहा है जब निर्भया के दोषियों के डेथ वॉरंट को रोका गया। पहली बार 7 जनवरी को चारों दोषियों को 22 जनवरी को फांसी देने का डेथ वॉरंट जारी किया गया था। इस पर 17 जनवरी को रोक लग गई। उसी दिन 1 फरवरी को फांसी देने के लिए दूसरा वॉरंट जारी किया गया जिस पर शुक्रवार को रोक लगा दी गई।

वो दलीलें जिनके कारण टली फांसी

  • दोषी मुकेश की वकील: मुकेश की वकील वृंदा ग्रोवर भी कोर्ट में मौजूद रही। वकील वृंदा कोर्ट में दलील दी कि चारों को एक साथ फांसी दी जाए। अगर एक केस के किसी एक दोषी की भी दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित हो तो किसी भी दोषी को लटकाया नहीं जा सकता है। एक दोषी का केस दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता है। बता दें कि मुकेश की सभी याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।
  • अभियोजन पक्ष (निर्भया के माता-पिता की तरफ से पेश वकील) सीमा कुशवाहा ने वृंदा ग्रोवर के सुनवाई में शामिल होने पर आपत्ति भी जताई थी।
  • दोषियों के वकील एपी सिंह: डेथ वॉरंट पर रोक लगाई जाए।
  • जज: क्या आदेश पारित करने में इस कोर्ट के सामने कोई बाधा है?
  • वकील: नहीं।
  • जज: तब ठीक है।
  • वकील सीमा कुशवाहा: अगर कोर्ट को इन दोषियों में से कोई एक भी निर्दोष लगता है तो उसे राहत दे दे लेकिन अगर कोई कानून के साथ खिलवाड़ कर रहा है, तो उसे ऐसा करने से रोका जाए।
  • पवन, विनय और अक्षय के वकील ए पी सिंह ने कोर्ट से फांसी पर अमल को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की अपील की और कहा कि उनके कानूनी उपचार के मार्ग अभी बंद नहीं हुए हैं।
  • निर्भया के माता-पिता के वकील ने कहा कि पिछले एक साल से दोषियों से बार-बार कहा गया कि वे कानूनी उपचार का मार्ग अपनाएं लेकिन वे टालमटोल कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दोषी अब एक-एक कर देर करने की तरकीब अपना रहे हैं। दोषी पूरी व्यवस्था का दुरूपयोग कर रहे हैं।
  • वकील वृंदा ग्रोवर: दोषियों के वकीलों को निजी तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। मैं इसकी शिकायत करूंगी। बीसीडी को भी पक्ष बनाऊंगी।
  • वकील एपी सिंह: मेरे लिए यह केस जीने मरने जैसा है।
  • जज: आप अपनी सफाई दे रहे हैं या दोषियों की ओर से जिनके लिए आप पेश हुए हैं?
  • एपी सिंह: फिलहाल मैं अपने आप को साबित कर रहा हूं क्योंकि आरोप मुझ पर लग रहे हैं।
  • जज: कल सुबह 6 बजे फांसी होनी है। हमें आदेश भी जारी करने हैं तो आप तय कर लीजिए कि आप किसे डिफेंड करना चाहते हैं, अपने क्लाइंट को या खुद को?
  • जज: आदेश के लिए एकाध घंटा और लेंगे। शाम करीब साढे़ पांच बजे कोर्ट ने फांसी टालने का आदेश सुनाया।
  • कोर्ट का फैसला आने के बाद निर्भया की मां फूट-फूट कर रोई।

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