Delhi Election 2020: केजरीवाल के खिलाफ BJP प्रत्याशी ने कहा- कांग्रेस प्रत्याशी से है उनका मुकाबला

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने भाजपा ने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रदेश युवा मोर्चा के अध्यक्ष सुनील यादव को चुनावी मैदान उतारा है। वे इसी इलाके में जन्मे हैं और बीके दत्त कॉलोनी में ही रहते हैं। वे पहली बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं। वे डोर टू डोर कैंपेन के साथ लोगों को उनके बीच होने का एहसास दिला रहे हैं। साथ ही एनडीएमसी कर्मचारियों के बच्चों को नौकरी दिलाने से लेकर क्षेत्र में लंबित विकास कार्यो के नाम पर वोट मांग रहे हैं। सुनील यादव से क्षेत्र के चुनावी मुद्दे को लेकर निहाल सिंह ने बातचीत की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश…।
नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे क्या हैं?
-नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के लोगों का सबसे पहला मुद्दा उन्हें उनके बीच का ही विधायक चाहिए। मैं उनके बीच का हूं। उनके सामने पढ़ा-लिखा और बढ़ा हूं। हमेशा उनके लिए खड़ा रहूंगा। इसके अलावा एनडीएमसी में कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर विभिन्न कॉलोनियों में सुरक्षा गार्ड के लिए कमरे बनाकर देना हमारी प्राथमिकता रहेगी। झुग्गी बस्तियों में जहां-झुग्गी वहां मकान व पानी की व्यवस्था देना है। इसके साथ ही नई दिल्ली क्षेत्र में जो घर हैं उनकी मरम्मत कराना बहुत बड़ा मुद्दा है।
-हां, यह सही है कि ये मुद्दे एनडीएमसी से जुड़े हैं, लेकिन यह जानना जरूरी है कि नई दिल्ली क्षेत्र से जो विधायक होता है वह एनडीएमसी का सदस्य होता है। जो व्यक्ति यहां रहता ही नहीं है वह कैसे इन मुद्दों को जानेगा और कैसे उनका समाधान करेगा। यहां के विधायक और सीएम केजरीवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर आरोप-प्रत्यारोप में व्यस्त रहे। उन्होंने यहां के स्थानीय मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया।
अगर, आप यहां से चुनाव जीतते हैं तो आपकी प्राथमिकता क्या होगी?
-सबसे बड़ी प्राथमिकता एनडीएमसी के अस्थायी कर्मचारियों को नियमित कराना। एनडीएमसी में मस्ट रोल कर्मचारियों की नियुक्ति बंद कर दी गई है उसे भी फिर से शुरू किया जाएगा, ताकि लोगों के बच्चों को रोजगार मिल सके। जितने आरडब्ल्यूए हैं उनके पार्को का सुंदरीकरण कराने के साथ हर आरडब्ल्यूए में एनडीएमसी के उद्यान विभाग की एक यूनिट की स्थापना की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ वाई-फाई की सुविधा रहेगी। स्कूलों में दूसरी शिफ्ट में खेल की कक्षाएं दिलाई जाएगी।
आपके सामने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आपके प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार हैं। आप किससे मुकाबला मानते हैं?
-दिल्ली के मुख्यमंत्री अर¨वद केजरीवाल शीला दीक्षित को चुनौती देने इस विधानसभा क्षेत्र में आए थे। अब वे सिविल लाइंस में रहते हैं। इसकी वजह से लोग न तो उनसे मिल पाते हैं और न ही उन्हें अपनी समस्याएं बता सकते हैं। कांग्रेस के प्रत्याशी रोमेश सब्बरवाल भी यहां के स्थानीय हैं, इसलिए थोड़ा-बहुत मुकाबला कांग्रेस से हैं।
शाहीन बाग के मुद्दे को इस चुनाव में कैसे देखते हैं?
-नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में पूरा देश खड़ा है। कुछ मुट्ठीभर लोग शाहीन बाग में धरना दे रहे हैं और उन्होंने रास्ता बंद कर दिया है। इससे वहां के लोगों को परेशानी हो रही है। जेएनयू के देश विरोधी नारों की तर्ज पर वहां पर जिन्ना वाली आजादी के नारे लगाए जा रहे हैं, जिसका आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने समर्थन किया है। जनता इस चुनाव में उन्हें जवाब देगी।






