ब्रेकिंग
जालंधर की डॉक्टर के सोशल मीडिया वीडियो से मचा हड़कंप: LPU छात्रों को लेकर किए सनसनीखेज दावे Punjab Power Crisis: पंजाब में बिजली संकट गहराया, मांग 16,600 मेगावाट पार; जालंधर में सड़कों पर उतरे... Yamunanagar News: टोडरपुर गांव में बंदर को जिंदा निगल गया 15 फीट लंबा अजगर, वन्य जीव विभाग ने किया स... Homemade Soap for Sensitive Skin: घर पर बनाएं नेचुरल नीम-एलोवेरा साबुन, ड्राई स्किन और फंगल इंफेक्शन... Ranchi Crime News: रांची में डॉक्टर से 80.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी, रिश्तेदार समेत 6 लोगों पर FIR दर... Ranchi Cyber Crime: बैंक ऑफ इंडिया के फर्जी ऐप से 70 वर्षीय बुजुर्ग से 4.90 लाख की ठगी, 6 आरोपियों प... Khunti Human Trafficking: खूंटी पुलिस ने नाकाम की मानव तस्करी की साजिश, 20 हजार की नौकरी का झांसा दे... Haryana Weather Update: हरियाणा में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 18 सितंबर तक झमाझम बारिश; यमुनानगर में आं... Haryana Sports News: बहादुरगढ़ में 1600 तैराकों का महाकुंभ, मुख्य अतिथि अविनाश चोपड़ा ने की अनिल खत्... How to Deactivate FASTag: पुरानी कार बेच दी है तो तुरंत डिएक्टिवेट करें FASTag, वरना कटता रहेगा आपका...
देश

महाराष्ट्र में 65,000 करोड़ रुपये की लागत से एक प्रमुख बंदरगाह बनाने को सरकार की मंजूरी

सरकार ने बुधवार को महाराष्ट्र के दहानु के पास वधावन में एक नये प्रमुख बंदरगाह की स्थापना के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। इस परियोजना की कुल लागत 65,544.54 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र में वधावन में एक नए प्रमुख बंदरगाह की स्थापना को मंजूरी दे दी है।

इस परियोजना पर 65,544.54 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वधावन बंदरगाह ‘भू-स्वामित्व मॉडल’ में विकसित किया जाएगा। जवाहर लाल नेहरू पोर्ट के साथ एक शीर्ष भागीदार के रूप में एक विशेष उद्देशीय इकाई (एसपीवी) स्थापित की जाएगी। जेएनपीटी की इस परियोजना को लागू करने में इक्विटी भागीदारी 50 प्रतिशत के बराबर या इससे अधिक होगी। बयान में कहा गया है कि एसपीवी कनेक्टिविटी स्थापित करने के अलावा भूमि सुधार, ब्रेक वॉटर के निर्माण सहित बंदरगाह बुनियादी ढांचे का विकास करेगा। सभी व्यापारिक गतिविधियां निजी डेवलपर्स द्वारा सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) तरीके से की जाएंगी।

जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) भारत में सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह है। इसका विश्व में 28वां स्थान है तथा इसकी माल ढुलाई क्षमता 51 लाख टीईयू (20-फुट इक्वेलेंट यूनिट्स) है। वर्ष 2023 तक एक करोड़ टीईयू की क्षमता वृद्धि करने वाले चौथे टर्मिनल के पूरा होने के बाद जवाहर लाल नेहरू पोर्ट विश्व में 17वां सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट होगा। वधावन बंदरगाह के विकास के बाद भारत विश्व के शीर्ष 10 कंटेनर बंदरगाह वाले देशों में शामिल हो जाएगा। महाराष्ट्र में देश का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह जेएनपीटी में है। यह महाराष्ट्र, उत्तर कर्नाटक, तेलंगाना के आंतरिक भूक्षेत्रों और गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, एनसीआर, पंजाब और उत्तर प्रदेश के द्वितीयक भूर्क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button