ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ... नोएडा में 'स्पेशल 26' स्टाइल में 29 लाख की भीषण लूट, फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर 5 शातिर गि... बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद फिर छिड़ी बहस, NCAER रिपोर्ट के बाद जीतन राम मांझी का बड़... जालोर में गोमाता के प्रति अनूठी आस्था, 'राधा' गाय पहनती है 10 किलो चांदी के गहने, बन रहा 1 करोड़ का ... ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव, अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तंज बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर का 10 हजार नौकरियों का बड़ा ऐलान, बिहार के सियासी गलियारों में मचा हड़...
देश

भागीरथी अम्मा : 105 की उम्र में 4th क्लास की परीक्षा में पाए 74.5% अंक

शिक्षा प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती और इस बात को सच कर दिखाया है 105 साल की भागीरथी अम्मा ने। केरल की 105 साल की भागीरथी अम्मा ने इस उम्र में चौथी कक्षा के स्तर की परीक्षा बड़े अच्छे नंबरों के साथ उत्तीर्ण की है। भागीरथी ने नौ बरस की उम्र में मां के देहांत के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी और उसके बाद भाई-बहनों की देखभाल में इतनी व्यस्त हुईं कि पढ़ने के बारे में सोच ही नहीं पाईं। शादी के बाद परिवार बढ़ा और वह 6 बच्चों की मां बन गईं। उनकी मुश्किलें उस वक्त और बढ़ गईं, जब उनके पति का देहांत हो गया और परिवार की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई।

जीवन की इस आपाधापी में भागीरथी की पढ़ने की चाह पर जिम्मेदारियों की कई परतें जमती चली गईं। समय अपनी रफ्तार से गुजरता रहा और भागीरथी ने अपने जीवन का सैकड़ा पार कर लिया। यह वह समय था जब वह अपनी सभी जिम्मेदारियां बखूबी निभा चुकी थीं। अब उनके छह बच्चों के साथ 16 नाती पोते और 12 पड़नाती पड़पोते भी थे। हालांकि वक्त के गुजरते सालों का असर दिखने लगा था। आंखों की रौशनी धुंधलाने लगी, दांत गिर गए और शरीर कमजोर होने लगा। इस सब के बीच भागीरथी ने दिल के एक कोने में सहेजकर रखी पढ़ाई करने की चाह को धीरे से निकाल लिया। लेकिन तमाम जिम्मेदारियों से मुक्त होने के बाद भागीरथी अम्मा को अपने दिल के किसी कोने में दबे पड़े इस सपने की धूल साफ करने की चाहत जाग उठी।

इसी के चलते उन्होंने पिछले वर्ष राज्य के साक्षरता अभियान में पंजीकरण कराया और छह फरवरी को घोषित किए गए परिणामों में उन्हें चौथी कक्षा के स्तर की परीक्षा में 74.5 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण घोषित किया गया। अपने एक पुराने इंटरव्यू में भागीरथी ने गणित को आसान विषय बताया था और गणित की परीक्षा में 75 में से 75 अंक लेकर उन्होंने इसे साबित भी कर दिया। उनके अन्य विषयों में मलयालम, अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान शामिल थे। उन्हें मलयालम में 50 में से 30 अंक मिले, जबकि अंग्रेजी और मलयालम में 70 में से 50-50 अंक लेकर कुल 275 में से 205 अंक हासिल किए। वर्ष 2019 में राज्य के कुल 11,593 लोगों ने साक्षरता मिशन के तहत चौथी कक्षा की परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से 10,012 ने यह परीक्षा पास कर ली।

मजे की बात यह है कि इन 10 हजार से अधिक लोगों में 9,456 महिलाएं हैं। राज्य के पथनमतिट्ठा इलाके में 385 लोगों ने परीक्षा में शिरकत की और सभी को उत्तीर्ण घोषित किया गया। वर्ष 2018 में 96 बरस की कात्यायिनी अम्मा ने 100 में से 98 अंक लेकर इतिहास रच दिया था। कात्यायिनी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया था और राष्ट्रमंडल प्रतिनिधि ने उनके घर जाकर उनका सम्मान किया। तीन दिन में अपनी चार परीक्षाओं के जवाब लिखने वाली भागीरथी की असाधारण उपलब्धि पर केरल राज्य साक्षरता मिशन की निदेशक पी एस श्रीकला ने प्राक्कुलम स्थित उनके घर जाकर उन्हें बधाई दी। अपनी सफलता से आह्लादित भागीरथी का इरादा अब 10वीं स्तर की परीक्षा देने का है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button