ब्रेकिंग
नाम के आगे 'शंकराचार्य' कैसे लगाया? मेला प्रशासन के नोटिस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का करारा जवाब,... सुखबीर बादल का CM मान पर बड़ा हमला: बोले- मुख्यमंत्री में लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं, वादों ... कातिल चाइना डोर का कहर! युवक के चेहरे और नाक पर आए दर्जनों टांके, मौत के मुंह से बचकर लौटा पीड़ित Jalandhar Crime: रिटायर्ड कर्नल के साथ धोखाधड़ी, 9 लोगों पर FIR दर्ज; जानें जालंधर में ठगी का पूरा म... भगवंत मान सरकार के रोजगार के दावे फेल! पंजाब में फैला फर्जी ट्रैवल एजेंटों का मकड़जाल, विदेश भेजने क... Drug Smuggling Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद; 2 तस्करों को रंगे हाथों ... शिक्षा क्रांति के दावों की खुली पोल! सरकारी स्कूलों में लेक्चरर्स का टोटा, बिना एक्सपर्ट्स के कैसे प... Ludhiana Weather: कोहरे की सफेद चादर में लिपटा लुधियाना, 22 और 23 जनवरी को आंधी-बारिश का डबल अटैक; म... आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ा झटका! 45 निजी अस्पताल योजना के पैनल से बाहर, इलाज के लिए दर-दर भटकने क... Haryana Agniveer Quota: हरियाणा में अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस सरकारी भर्ती में मिलेगी प्राथ...
मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में शुरू हुआ नया चलन… शादी के 25, 50 या 75 साल बाद फिर बैंड, बाजा, बारात

भोपाल। शादी की 25वीं या 50वीं वर्षगांठ मनाने का मतलब अब सिर्फ एक पार्टी करना नहीं रह गया है, बल्कि भव्य जश्न के साथ लंबा समय साथ बिता चुके जोड़े अपने विवाह के क्षणों को फिर से जीवंत कर रहे हैं। इसके लिए वेडिंग प्लानरों की मदद ली जा रही हैं। रिजार्ट बुक कराए जा रहे हैं तो डेस्टिनेशन वेडिंग भी हो रही है।

ऐसे विवाह समारोह दो से तीन दिन चलते हैं। इन आयोजनों में बीते पलों को फिर जीने की तमन्ना होती है, तो कई बार जीवन के शुरुआती संघर्ष के दिनों में विवाह में जोड़े जो हसरतें पूरी नहीं कर सके थे, उन्हें कहीं भव्य तरीके से विवाह समारोह आयोजित कर पूरा कर रहे हैं।

…ताकि मन में कोई मलाल न रहे

  • वर्षगांठ के मौके पर शादीशुदा जोड़े का फिर से विवाह करना शहर में एक नए चलन के रूप में उभरा है, जो अक्सर शादी के 25, 50 या 75 साल बाद होता है।
  • इसमें जोड़े को विवाह की सभी रस्में निभानी होती हैं। वह भी वर्षों पहले जब वे शादी के बंधन में बंधे थे, उससे कहीं ज्यादा धूमधाम के साथ।
  • वेडिंग प्लानर की मदद ली जाती है। बारात निकलती है। हल्दी, मेहंदी, संगीत, अंगूठियों का आदान-प्रदान और फेरे जैसी रस्में होती हैं।
  • दुल्हन और दूल्हा ग्रेंड एंट्री लेकर मेहमानों से खचाखच भरे विवाह स्थल में प्रवेश करते हैं। शादी की रस्मों के बाद रिसेप्शन होता है।
  • समारोह दो या उससे ज्यादा दिनों तक चलते हैं। कुछ जोड़े पर्यटन स्थल और दूसरी जगहों पर भी डेस्टीनेशन वेडिंग आयोजित करते हैं।

85वीं वर्षगांठ पर मना था दो दिन का जश्न

वेडिंग प्लानर लकी पांचाल ने बताया कि गत वर्ष ग्वालियर के एक उद्योगपति के पिताजी की शादी की 85वीं वर्षगांठ पर दो दिन का विवाह कार्यक्रम शहर के एक बड़े होटल में हुआ था, जिसमें बारात से लेकर फेरे और विदाई तक हुई थी। एक प्रसिद्ध भजन गायक को प्रस्तुति के लिए बुलाया गया था। बड़ा अनोखा आयोजन था, जिसमें एक करोड़ के आसपास खर्च आया था।

प्री फंक्शन फोटोशूट और वीडियोग्राफी भी

पाटीदार स्टूडियो के संचालक ओमप्रकाश पाटीदार के अनुसार कार्यक्रमों की खास तौर पर तस्वीरें खींची जाती हैं और वीडियोग्राफी की जाती है। उनका कहना है कि इस चलन के लिए इंटरनेट मीडिया भी कुछ हद तक जिम्मेदार है। लोग अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर कुछ अनोखा पोस्ट करना चाहते हैं। वे सब कुछ अलग तरीके से करना चाहते हैं।

पाटीदार कहते हैं कि उन्होंने पिछले चार सालों में ऐसे कई कार्यक्रमों की शूटिंग की है। हम एक ऐसी टीम का हिस्सा हैं, जो जोड़ों को उनकी शादी की सालगिरह को यादगार बनाने में मदद करती है।

Related Articles

Back to top button