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नितिन गडकरी को SC में बुलावा, ASG के विरोध पर बोले CJI- समन नहीं निमंत्रण समझें

नई दिल्लीः सार्वजनिक परिवहन और सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील करने के मामले पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। वहीं इस मामले में केंद्र सरकार ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस एसए बोवडे ने कहा कि हम चाहते है कि केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सुप्रीम कोर्ट में आकर बताएं कि आखिर समस्या कहां आ रही है। चीफ जस्टिस की इस बात पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) विरोध जताया और कहा कि अगर केंद्रीय मंत्री को सुप्रीम कोर्ट बुलाया जाएगा तो इसका राजनीतिक असर पड़ेगा।

ASG की बात पर चीफ जस्टिस ने कहा कि हम फिलहाल सुझाव दे रहे हैं, आदेश पारित नहीं कर रहे। दरअसल सीजेआई ने पूछा था कि क्या परिवहन मंत्री आकर हमें इस मामले के बारे में जानकारी दे सकते हैं? इसे समन नहीं बल्कि निमंत्रण समझें क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में योजना की साफ तस्वीर अधिकारियों से ज्यादा स्पष्ट परिवहन मंत्री को होगी। साथ ही कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण को लेकर समझौता नहीं किया जा सकता है, यह सिर्फ दिल्ली-एनसीआर के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

कोर्ट ने केंद्र सरकार से चार हफ्तों में मीटिंग कर इलेक्ट्रिक वाहनों से संबधित मामले में विचार करने को कहा। दरअसल याचिका दायर की गई थी जिसमें कहा गया था कि सरकार ने सार्वजनिक परिवहन और सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील करने की अपनी खुद की नीति का पालन करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए।

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