ब्रेकिंग
नाम के आगे 'शंकराचार्य' कैसे लगाया? मेला प्रशासन के नोटिस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का करारा जवाब,... सुखबीर बादल का CM मान पर बड़ा हमला: बोले- मुख्यमंत्री में लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं, वादों ... कातिल चाइना डोर का कहर! युवक के चेहरे और नाक पर आए दर्जनों टांके, मौत के मुंह से बचकर लौटा पीड़ित Jalandhar Crime: रिटायर्ड कर्नल के साथ धोखाधड़ी, 9 लोगों पर FIR दर्ज; जानें जालंधर में ठगी का पूरा म... भगवंत मान सरकार के रोजगार के दावे फेल! पंजाब में फैला फर्जी ट्रैवल एजेंटों का मकड़जाल, विदेश भेजने क... Drug Smuggling Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद; 2 तस्करों को रंगे हाथों ... शिक्षा क्रांति के दावों की खुली पोल! सरकारी स्कूलों में लेक्चरर्स का टोटा, बिना एक्सपर्ट्स के कैसे प... Ludhiana Weather: कोहरे की सफेद चादर में लिपटा लुधियाना, 22 और 23 जनवरी को आंधी-बारिश का डबल अटैक; म... आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ा झटका! 45 निजी अस्पताल योजना के पैनल से बाहर, इलाज के लिए दर-दर भटकने क... Haryana Agniveer Quota: हरियाणा में अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस सरकारी भर्ती में मिलेगी प्राथ...
विदेश

राष्ट्रगान के दौरान बैठे रहे अफगानिस्तान के अधिकारी, भड़के हुए पाकिस्तान ने उठाया ये कदम

पाकिस्तान में मंगलवार को इस्लामिक पैगम्बर मोहम्मद के जन्मदिन यानी ईद मिलाद उन नबी के मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें अफगान राजदूतों को भी इनवाइट किया गया था. इस कार्यक्रम के दौरान जब पाकिस्तान का राष्ट्रगान बजाया गया, तब अफगानिस्तान के अधिकारी अपनी जगह पर ही बैठे रहे और खड़े नहीं हुए, जिसको लेकर पाकिस्तान ने कड़ा विरोध जताया और अफगान राजनयिकों पर राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लगाया.

इस दौरान का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि अफगानिस्तान के अधिकारी बैठे हुए हैं और बाकी सब खड़े हैं. पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने इस मामले को लेकर एक बयान में कहा कि मेजबान देश के राष्ट्रगान का अनादर राजनयिक मानदंडों के खिलाफ है. अफगानिस्तान के कार्यवाहक महावाणिज्य दूत का यह कृत्य निंदनीय है. हम इस्लामाबाद और काबुल दोनों में अफगानिस्तान के अधिकारियों को अपना कड़ा विरोध जता रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने किया था आमंत्रित

अफगानिस्तान के अधिकारियों को खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने आमंत्रित किया था. वहीं इस मामले पर अफगान वाणिज्य दूतावास पेशावर के प्रवक्ता ने सफाई देते हुए एक बयान जारी किया और कहा कि उनका पाकिस्तान के राष्ट्रगान का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था. उन्होंने कहा, ‘क्योंकि राष्ट्रगान में म्यूजिक था, इसलिए अफगान महावाणिज्य दूत राष्ट्रगान के बजते वक्त खड़े नहीं हुए.

अपमान करने का सवाल ही नहीं

यही नहीं अफगान वाणिज्य दूतावास के प्रवक्ता ने आगे यह भी कहा कि हमने म्यूजिक की वजह अपने ही राष्ट्रगान पर बैन लगा दिया है. अफगान राजनयिक जाहिर तौर पर राष्ट्रगान के सम्मान में अपने सीने पर हाथ रखकर खड़े होते, अगर राष्ट्रगान को बिना म्यूजिक के बजाया जाता. इसलिए मेजबान देश (पाकिस्तान) के राष्ट्रगान का अपमान करने का सवाल ही नहीं उठता है.

Related Articles

Back to top button