ब्रेकिंग
हिमाचल से लद्दाख तक रेल नेटवर्क, 1.31 लाख करोड़ की लागत से बनेगा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन लखनऊ ट्रिपल मर्डर की तर्ज पर कानपुर में खूनी संघर्ष, जमीनी विवाद में एक पक्ष ने चार लोगों को मारी गो... Kedartal Trekker Rescue Operation Uttarkashi: उत्तराखंड के केदारताल में लापता ट्रेकरों की तलाश तेज, ... गोरखपुर में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, सीएम योगी और नितिन नबीन ने कांग्रेस पर... दरभंगा में सोशल मीडिया पर प्यार और शादी का झांसा देकर इंजीनियर से डेढ़ करोड़ की ठगी, शेयर बाजार में ... दिल्ली के स्कूल में दिल दहला देने वाली घटना, खेलकूद के बाद क्लासरूम में गिरी तीसरी कक्षा की मासूम और... चार साल बाद सेना से नहीं बाहर होंगे 75% अग्निवीर, मोदी कैबिनेट के नए फैसले से युवाओं को मिला बड़ा मौ... न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय तेज गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन, अर्शदीप ... रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की बेटी राहा कपूर करेंगी एक्टिंग की दुनिया में कदम, फिल्म 'रामायण' में नजर ... अमेरिका में ट्रंप की हार के बाद तेहरान में लगा 'We Will Kill Trump' का पोस्टर, नेतन्याहू पर भी कसा त...
महाराष्ट्र

कैसी होती है रिवॉल्वर, क्या हाथ से छूट जाए तो गोली चल सकती है? गोविंदा के मामले से उठ रहे सवाल

बॉलीवुड के अभिनेता गोविंदा अपनी रिवॉल्वर से गोली चल जाने की वजह से घायल हो गए हैं. गनीमत है कि गोली उनके पैर में लगी है और वह फिलहाल सुरक्षित हैं. उनके पैर से गोली निकाल दी गई है. हालांकि इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.सबसे बड़ा सवाल यह कि आखिर रिवॉल्वर से गोली अपने आप चली कैसे? दरअसल रिवॉल्वर का मैकेनिज्म ही ऐसा होता है कि इससे अपने आप गोली चलने की संभावना ना के बराबर होती है. इसी वजह से ही इसे सबसे सुरक्षित हथियार माना जाता है. हालांकि पिस्टल में ऐसा नहीं है.

पिस्टल में तो लॉक की सुविधा भी होती है, बावजूद इसके, एकाध बार इससे गोली चल जाने की खबरें आई हैं. यहां बात रिवॉल्वर की हो रही है. कहा जा रहा है कि गोविंदा के पास लाइसेंस रिवॉल्वर है और गोली भी उनके उसी रिवॉल्वर से चली है. उत्तर प्रदेश पुलिस के रिटायर्ड डिप्टी एसपी पीपी कर्णवाल के मुताबिक रिवाल्वर की खासियत है कि जब रिवॉल्वर का ट्रिगर पूरा दबता है तो हैमर पीछे आता है और तब गोलियों की चकरी घूमती है. इसके बाद एंड पॉइंट पर आकर हैमर पूरी ताकत के साथ आगे ठोकर मारता है.

रिवॉल्वर में सुरक्षा की गारंटी

हैमर का अगला और नुकीला हिस्सा गोली के टिप पर लगता है तो फायर होता है. रिवाल्वर के साथ बड़ी बात यह है कि इसमें पहले से हैमर को खींचकर नहीं रखा जा सकता. यही इसमें सुरक्षा की गारंटी है. ऐसे में यदि रिवॉल्वर का चैंबर भरा हो और वह गिर जाए, या इसे फेंक कर मारा जाए तो भी किसी हाल में गोली नहीं चल सकती. इसके लिए ट्रिगर का दबना और हैमर का पीछे की तरफ खिंचकर एंड पॉइंट तक पहुंचना जरूरी है.

पिस्टल रेडी टू फायर होती है

जहां तक बात पिस्टल की है तो इसमें थोड़ी संभावना है. यह संभावना भी इसलिए है कि इसे लोड करने के बाद रेडी टू फायर का ऑप्शन होता है. ऐसे में यदि इसे लॉक ना किया जाए तो इसके गिरने पर फायर की संभावना रहती है. यूपी एसटीएफ के एक अधिकारी के मुताबिक रिवाल्वर से अपने आप फायर होने की संभावना 99 फीसदी तक नहीं होती. एक प्रतिशत जो संभावना बचती है, वो स्प्रिंग ढीली होने की वजह से हो सकती है. हालांकि ऐसा भी मामला अब तक कहीं देखा नहीं गया है.

ताकत से चलती है रिवॉल्वर

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रिवॉल्वर का ट्रिगर दबाने के लिए उंगलियों में ताकत की जरूरत होती है. यह ताकत हर फायर के वक्त चाहिए. जबकि पिस्टल में ऐसा नहीं है. पिस्टल का ट्रिगर काफी स्मूथ होता है. इसमें लॉक खुलने के बाद हल्का से दबाव भी फायर कर सकता है. यही वजह है कि पुलिस अधिकारियों को सर्विस हथियार के रूप में रिवॉल्वर नहीं दी जाती. बता दें कि आज सुबह गोविंदा के साथ दुर्घटना हो गई. कहा जा रहा है कि वह अपने रिवॉल्वर को साफ कर रहे थे, इसी दौरान रिवॉल्वर उनके हाथ से गिर गया और गोली चल गई. गोली उनके पैर में लगी और फिलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

Related Articles

Back to top button