ब्रेकिंग
White House Shootout: व्हाइट हाउस के बाहर अंधाधुंध फायरिंग; सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में हमल... Global Oil Crisis: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत का बड़ा दांव; वेनेजुएला बना तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्... AI Impact on Jobs: भारत में AI से बैक ऑफिस और डेटा से जुड़ी नौकरियों पर बड़ा खतरा; SHRM रिपोर्ट 2026... Bada Mangal 2026: चौथे बड़े मंगल पर बन रहा है दुर्लभ संयोग; भूलकर भी न करें ये गलतियां, नाराज हो सकत... Gond Katira for Weight Loss: क्या गोंद कतीरा वजन घटाने में मददगार है? जानें वेट लॉस के लिए इसे कब और... Datia Crime News: दतिया में प्रेम कहानी का खूनी अंत; प्रेमिका की मौत के 47 दिन बाद प्रेमी मोनू ने भी... UP Weather Update: यूपी के 54 जिलों में हीटवेव का अलर्ट, बांदा-प्रयागराज समेत 10 जिलों में भीषण लू क... Mumbai Infrastructure: मुंबई के घनसोली शाफ्ट में उतरा 350 टन का विशाल TBM कटरहेड; जुलाई 2026 में शुर... NEET Paper Leak Case: नीट परीक्षार्थी प्रदीप मेघवाल के परिवार से मिले राहुल गांधी; हर संभव मदद का दि... Varanasi Crime News: वाराणसी में कलयुगी मां ने 16 हजार और 10 साड़ियों में किया बेटी का सौदा; खरीदार ...
मध्यप्रदेश

नए सिरे से बन रहा भोपाल समेत तीन शहरों का मास्टर प्लान, पर्यावरण और हाई राइज भवनों पर फोकस

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अलावा इंदौर और जबलपुर का मास्टर प्लान भी नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। इसमें ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट (टीडीआर) यानी हस्तांतरणीय विकास अधिकार, 24 मीटर की सड़कों की नीति, शहरों में हरियाली बढ़ाने और हाईराइज भवनों पर विशेष ध्यान दिया गया है। शहर के फैलाव को रोकने का प्रयास करने के साथ ही निकायों को सड़क, बिजली और पानी सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ज्यादा धनराशि भी खर्च न करनी पड़े, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।

वर्षों से अटके हैं प्रस्ताव

बता दें, जबलपुर और इंदौर का मास्टर प्लान वर्ष 2041 तक के लिए और भोपाल का वर्ष 2047 तक के लिए तैयार किया जा रहा है। यह भोपाल और इंदौर का तीसरा, जबकि जबलपुर का चौथा मास्टर प्लान होगा। इससे पहले कई संशोधनों के चलते भोपाल का मास्टर प्लान 19 वर्ष और जबलपुर व इंदौर का तीन वर्ष से अटका हुआ है।

धारा 16 में कॉलोनी की अनुमति

भोपाल, इंदौर और जबलपुर में जब तक मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ, तब तक धारा 16 के तहत कॉलोनी विकसित करने की अनुमति दी जा रही थी। जिला स्तर पर नगर और ग्राम निवेश के ज्वाइंट डायरेक्टर को धारा 16 के तहत अनुमति देने का अधिकार था, लेकिन सरकार ने सात माह पहले इसे बदल दिया। यह अधिकार नगर तथा ग्राम निवेश के आयुक्त को दे दिया गया है। प्रदेश में कालोनाइजरों के 40 से अधिक आवेदन लंबित हैं।

सड़कों को जोड़ने पर विशेष फोकस

भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान में मेट्रोपोलिटिन रीजन प्लान को भी शामिल किया जाएगा। इसके तहत भोपाल में सीहोर, मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, बंगरसिया को मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। जबकि इंदौर के मास्टर प्लान में पीथमपुर, देवास और उज्जैन को भी शामिल किया जाएगा। सड़कों को जोड़ने पर विशेष फोकस किया जाएगा।

यह है नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट

नए सिरे से तैयार हो रहे प्लान के तहत कॉलोनाइजर को कॉलोनी काटने पर करीब एक तिहाई हिस्से में हरियाली तैयार करनी होगी। इसके अलावा रोड के दोनों तरफ और कॉलोनी के बाउंड्रीवाल के चारों तरफ पौधारोपण करना होगा। कॉलोनी में अंडरग्राउंड वायरिंग का भी प्रविधान किया जाएगा, जिससे पेड़ों की कटाई न करना पड़े।

आईटी पार्क के लिए तैयार किया जाएगा बाजार

शहरों में मिश्रित भूमि उपयोग को शामिल किया जाएगा। मुख्य मार्गों के बीच में व्यवसायिक क्षेत्र के लिए जगह तय की जाएगी। इसके अलावा दो से तीन किमी के बीच में बिना प्रदूषण वाला औद्योगिक क्षेत्र तय होगा। इससे शहर के लोगों को रोजगार मिलेगा। आइटी पार्क के लिए अलग ही बाजार तैयार किया जाएगा, जहां इससे जुड़ी सुविधाएं देना कॉलोनाइजर की जिम्मेदारी होगी।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि भोपाल, इंदौर और जबलपुर के मास्टर प्लान के नए सिरे से बनाए जा रहे ड्राफ्ट में सरकार द्वारा लागू नीतियों को शामिल किया जा रहा है। पर्यावरण, हरियाली और हाईराइज भवनों के प्रविधान के साथ ही मेट्रोपोलिटन रीजन प्लान को भी शामिल किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button