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Elon Musk के दोस्त Donald Trump ने जीता चुनाव, अब Gemini AI और ChatGPT का क्या होगा?

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है. इस जीत से ट्रंप ही नहीं बल्कि अमेरिकी बिजनेसमैन एलन मस्क भी काफी खुश होंगे. मस्क ने इस चुनाव में खुलकर ट्रंप का समर्थन किया है, और चुनाव प्रचार के लिए दान भी दिया है. ट्रंप अब जीत चुके हैं, तो क्या कहीं न कहीं मस्क को भी इसका फायदा मिल सकता है?

अगर समय के पन्नों को पलटें तो कई ऐसे मौके आए हैं जब मस्क ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मेन प्लेयर्स ChatGPT और Google Gemini AI की खुलकर आलोचना की है. अब सवाल यह है कि ट्रंप के राज में इन एआई प्लेटफॉर्म का क्या होगा?

गूगल और चैटजीपीटी के आलोचक हैं मस्क

मस्क न सिर्फ इन प्लेटफॉर्म की आलोचना करते हैं, बल्कि उन्होंने इन पर ट्रंप के प्रति पक्षपात करने का भी आरोप लगाया है. मस्क ने लगातार यह सवाल उठाया है कि ट्रंप को लेकर गूगल और माइक्रोसॉफ्ट पक्षपातपूर्ण रिजल्ट दिखाते हैं. माइक्रोसॉफ्ट ने चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई में भारी निवेश किया है.

माइक्रोसॉफ्ट और गूगल पर पक्षपात का आरोप

हाल ही में मस्क ने सोशल मीडिया पर DogeDesigner की एक पोस्ट शेयर की, जिसमें दावा किया गया कि गूगल और माइक्रोसॉफ्ट कमला हैरिस की डेमोक्रेटिक पार्टी को दान देने वाली टॉप कॉरपोरेट्स हैं.

इनमें से कुछ पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बारे में चैटजीपीटी ने जो जवाब दिए, उनके बीच बहुत अंतर है. हैरिस के बारे में इसके जवाब बताते हैं कि उनका सपोर्ट क्यों किया जाना चाहिए. हालांकि, अब ये पोस्ट हटा दी गई हैं.

एलन मस्क का चैटजीपीटी से रिश्ता

चैटजीपीटी एआई की दुनिया के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म में से एक है. दिलचस्प बात यह है कि चैटजीपीटी, जिससे मस्क हमेशा नाराज रहते हैं, की शुरुआत उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर 2015 में की थी. लेकिन बाद में अनबन होनी लगी और मस्क ने 2018 में ओपनएआई को अलविदा कह दिया.

मस्क ने आरोप लगाया कि ओपनएआई अपने नॉन-प्रॉफिट मकसद को भूल गई है और पैसे कमाने की राह पर चल पड़ी है. बाद में माइक्रोसॉफ्ट ने ओपनएआई में भारी निवेश किया, इसलिए मस्क माइक्रोसॉफ्ट से भी नाराज रहते हैं.

सभ्यता खत्म होने का खतरा

अप्रैल 2024 में मस्क ने एक पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि अगर एआई को सुपर पावरफुल एआई में साफ तौर पर या खुलकर प्रोग्राम किया जाए, तो यह सभ्यता को खत्म कर सकता है. मस्क ने आगे लिखा कि अब कल्पना करने की जरूरत नहीं है. इसे पहले से ही Google Gemini और OpenAI ChatGPT में प्रोग्राम किया जा चुका है.

ट्रंप की AI पॉलिसी क्या होगी?

इससे यह तो साफ हो जाता है कि मस्क की गूगल, चैटजीपीटी, माइक्रोसॉफ्ट से किस कदर अदावत है. मस्क अब अपनी खुद की AI कंपनी xAI चलाते हैं. इसका Grok AI टूल चैटजीपीटी और गूगल जेमिनी से मुकाबला करता है.

अब देखना यह है कि AI को लेकर ट्रंप किस तरह की पॉलिसी अपनाते हैं. एलन मस्क ने खुलकर ट्रंप का समर्थन किया है, तो क्या ट्रंप की AI पॉलिसी भी मस्क की सोच से प्रभावित होगी? यह तो आने वाला समय ही बताएगा.

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