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महाराष्ट्र

सावरकर पर टिप्पणी: कोर्ट में पेश नहीं हुए राहुल गांधी, अब फिर दिया गया आदेश

महाराष्ट्र में पुणे की एक अदालत में राहुल गांधी को पेश होने के लिए कहा गया. हिंदुत्व के विचारक विनायक दामोदर सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर कोर्ट ने उन्हें अदालत में पेश होने के लिए कहा था, लेकिन राहुल गांधी कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए. उन्होंने इसके पीछे कारण बताया कि उन्हें समन नहीं मिला.

दरअसल, सत्यकी सावरकर ने पुणे की अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज कराई गई एक शिकायत में कहा कि लंदन में मार्च महीने में गए राहुल गांधी ने अपने एक भाषण में कहा था कि सावरकर ने एक किताब में मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई को लेकर खुशी जताई है. शिकायत में सत्यकी ने बताया कि राहुल गांधी ने सावरकर ने किताब में लिखा है कि उनके 5-6 दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी. इससे उन्हें बहुत खुशी हुई थी. इसके खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें साफ तौर पर बताया गया है कि सावरकर ने ऐसा कहीं भी किसी किताब में नहीं लिखा है. इस मामले को लेकर विश्रामबाग पुलिस की प्राथमिक जांच में शिकायत सही पाई गई है.

23 अक्टूबर को जारी किया गया समन

इस मामले में 4 अक्टूबर को ज्वाइंट सिविल जज और न्यायिक मजिस्ट्रेट अमोल शिंदे की अध्यक्षता में सुनवाई के बाद राहुल गांधी को कोर्ट में पेश होने का कहा गया था. इसके लिए 23 अक्टूबर को समन भी जारी किया गया था. ये सुनवाई एमपी/एमएलए कोर्ट में हुई थी. लेकिन राहुल गांधी कोर्ट में पेश नहीं हुए. उन्होंने कहा कि उन्हें किसी तरह का समन नहीं प्राप्त हुआ था.

मीडिया से बातचीत के दौरान सत्यकी सावरकर के वकील कोल्हटकर ने बताया कि सोमवार को उन्होंने कोर्ट में अपील की है कि राहुल गांधी को कोर्ट में पेश होने के लिए समन भेजा जाए.

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