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लोकसभा से पास अब राज्यसभा में पेश होगा केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय बिल

नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल आज राज्यसभा में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक, 2019 को पेश करेंगे। यब विधेयक लोकसभा में पहले ही पास हो चुका है। पिछले साल दिसंबर महीने में इस विधेयक को लोकसभा से पारित किया गया। बता दें कि यह देश के तीन संस्कृत संस्थानों को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने से जुड़ा विधेयक है।

इस विधेयक के तहत नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान (Rashtriya Sanskrit Sansthan) स्थापना 1970, लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ (Shree Lal Bahadur Shastri Sanskrit Vidyapeeth) स्थापना 1962 और तिरुपति स्थित राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ (Rashtriya Sanskrit Vidyapeeth) स्थापना 1961 को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है।

संस्कृत केवल एक भाषा नहीं

दिसंबर 2019 में जब इस बिल को लोकसभा में पारित किया गया तो रमेश पोखरियाल ने कहा था कि संस्कृत केवल एक भाषा मात्र नहीं है, यह हमारे अतीत और वर्तमान को जोड़ने वाली कड़ी है। साथ ही उन्होंने तमिल सहित दूसरी सभी भारतीय भाषाओं को भी सशक्त बनाने को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया था। उस दौरान लोकसभा में दक्षिण भारत के राज्यों से आने वाले सांसदों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

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