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मध्यप्रदेश

करोड़पति सौरभ शर्मा की बढ़ सकती है मुश्किलें, बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में जुटी लोकायुक्त

भोपाल : राजधानी भोपाल में लोकायुक्त छापेमारी में धनकुबेर आरटीओ के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। सौरभ शर्मा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, वहीं घर से मिले झूठे शपथ पत्रों को लेकर एफआईआर दर्ज हो सकती है। छापेमारी के दौरान से ही सौरभ शर्मा फरार है और उसकी लोकेशन अब तक ट्रेस नहीं हो पाई है। ऐसे में यदि सौरभ शर्मा देश में ही कहीं है तो लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद सौरभ देश छोड़कर नहीं जा सकेगा। या अगर विदेश में है तो विदेश से लौटते ही एयरपोर्ट पर पकड़ा जाएगा।

सर्कुलर नोटिस के साथ दर्ज हो सकती है एफआईआर

वहीं दूसरी ओर जानकारी सामने आई है कि छापेमारी से महीने भर पहले सौरभ शर्मा चीन की यात्रा से लौटा था। छापे में चार देशों की विदेशी करेंसी और 10 लाख की घड़िया भी बरामद की गई है। वहीं घर से कई झूठे शपथ पत्र भी मिले है। इसके लिए सौरभ शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है। फिलहाल जांच एजेंसियां विदेश में उसके इन्वेस्टमेंट की खोजबीन कर रही है।

कैश को संभालने से बचने के लिए खरीदता था सोना

लोकायुक्त छापेमारी में भोपाल के जंगल में एक कार से 52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश मिला था। यह सोना और कैश आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा का होने की पुष्टि हुई। वहीं घर और दफ्तर से ज्वेलरी और चांदी की ईंटें मिली थी। लोकायुक्त सूत्रों की मानें तो सौरभ कैश को नोटों के खराब होने और लंबे समय तक संभालने की टेंशन रहती थी इसलिए वह कैश की बजाय सोना और चांदी पर ज्यादा भरोसा करता था और कैश को ज्यादातर सोने या चांदी में बदलवा लेता था। इससे दो फायदे होते थे एक दोनों धातुएं समय के साथ ज्यादा मंहगी बिकती थी और चांदी या सोना ईंट की शक्ल में हो तो उसपर मेकिंग चार्ज भी नहीं लगता है। यही वजह रही कि छापेमारी में सोने चांदी के गहनों की बजाय ईंटें मिली।

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