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बिहार

मुंगेर में 3 तो वैशाली और पूर्णिया में 2-2 एक्टिव…बिहार की सियासत में अभी कितने बाहुबली?

अनंत सिंह पर हमले के बाद बिहार की सियासत में बाहुबली शब्द फिर से सुर्खियों में है. बिहार की राजनीति में बाहुबलियों की सियासत का लंबा इतिहास है. अपराध छोड़ सांसदी और विधायकी जीतने वाले ये बाहुबली सरकार बनाने और गिराने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं. 2005 में नीतीश कुमार की सरकार आने के बाद बाहुबलियों की सियासत पर ब्रेक तो जरूर लगा, लेकिन बदलते हालात में बाहुबली फिर से सियासत में सक्रिय हो गए.

बिहार में अभी 13 ऐसे बाहुबली नेता हैं, जो राजनीति को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं. सबसे ज्यादा बाहुबली मुंगेर की राजनीति में सक्रिय हैं. पूर्णिया और वैशाली की सियासत में 2-2 बाहुबली मैदान संभाले हुए हैं.

1. मुंगेर की सियासत में 3 बाहुबली एक्टिव है. इनमें पहला नाम अशोक सम्राट, दूसरा नाम अनंत सिंह और तीसरा नाम सूरजभान सिंह का है. अनंत और सूरजभान चुनाव भी जीत चुके हैं. अशोक सम्राट अपनी पत्नी को मैदान में उतार चुके हैं. हालांकि, उन्हें जीत नहीं मिल पाई थी. मुंगेर और उसके आसपास की करीब 10 सीटों की सियासत को ये बाहुबली प्रभावित करते हैं.

2. वैशाली की सियासत में दो बाहुबली एक्टिव हैं. वर्तमान सांसद वीणा देवी के पति दिनेश सिंह भी अपराध के जरिए राजनीति में कदम रखा था. वैशाली लोकसभा सीट से 2024 में मैदान में उतरे मुन्ना शुक्ला की भी पहचान बाहुबली नेता की है. मुन्ना के जेल जाने की वजह से इलाके में उनकी पत्नी एक्टिव हैं. मुन्ना शुक्ला की परिवार के किसी एक सदस्य के लालगंज विधानसभा सीट से लड़ने की चर्चा है.

3. पूर्णिाया जिले के सांसद पप्पू यादव की भी छवि बाहुबली नेता की है. पप्पू यादव 2024 के चुनाव में निर्दलीय जीतकर संसद पहुंच चुके हैं. पप्पू की नजर अब विधानसभा चुनाव पर है. पूर्णिया में अवधेश भारती की भी छवि बाहुबली नेता की है. अवधेश की पत्नी बीमा भारती नीतीश सरकार में मंत्री रह चुकी हैं. बीमा अभी आरजेडी की सियासत को आगे बढ़ा रही है.

4. आरा और भोजपुर की सियासत में बाहुबली सुनील पांडे भी सक्रिय भूमिका में है. सुनील खुद तो चुनाव नहीं लड़ते लेकिन हालिया उपचुनाव में अपने बेटे को विधायक बनवा दिया है. सुनील पांडे के बेटे विशाल ने तरारी सीट से 2024 के उपचुनाव में जीत हासिल की है. सुनील के भाई हुलास पांडे चिराग पासवान की पार्टी में सक्रिय हैं.

5. पटना की सियासत में बाहुबली रीतलाल यादव सक्रिय है. रीतलाल पर कई मुकदमा दर्ज है. इसके बावजूद 2020 के विधानसभा चुनाव में रीतलाल ने दानापुर सीट से जीत हासिल कर लिया. रीतलाल लोकसभा चुनाव भी लड़ना चाहते थे, लेकिन उन्हें आरजेडी ने टिकट देने से इनकार कर दिया. रीतलाल की तरह ही नवादा की सियासत में राजवल्लभ यादव मैदान पर डटे हैं. राजवल्लभ की पत्नी और भाई नवादा में चुनाव लड़ते हैं.

6. महाराजगंज सीट से बाहुबली प्रभुनाथ सिंह का दबदबा अभी भी है. प्रभुनाथ के भाई केदार अभी भी बनियापुर सीट से विधायक हैं. प्रभुनाथ के लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चा थी, लेकिन टिकट न मिल पाने की वजह से वे साइड लाइन हो गए. विधानसभा चुनाव में प्रभुनाथ सिंह के परिवार से 2 लोगों के चुनाव लड़ने की चर्चा है.

7. सीवान के बाहुबली शहाबुद्दीन की भले मौत हो चुकी हो लेकिन उनका परिवार अभी राजनीति में एक्टिव है. शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब के विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा है. शहाबुद्दीन के अलावा गैंगस्टर रईस खान और उनके बड़े भाई अयूब खान भी सीवान की सियासत में सक्रिय है. अयूब और रईस ने हाल ही में चिराग की पार्टी का दामन थामा है.

8. बाहुबली आनंद मोहन खुद तो चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, लेकिन उनकी पत्नी और बेटे सियासत में सक्रिय है. आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद अभी शिवहर सीट से विधायक और पत्नी लवली आनंद शिवहर सीट से लोकसभा सांसद है. इसी तरह खगरिया में बाहुबली रणवीर यादव सक्रिय भूमिका में है. रणवीर की पत्नी विधायक रह चुकी है.

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