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विदेश

ट्रूडो की कुर्सी जाते ही खालिस्तानी प्रोपेगेंडा फुस्स, कनाडाई जांच रिपोर्ट में भारत को क्लीन चिट

कनाडा में गठित एक विशेष जांच आयोग की रिपोर्ट ने भारत विरोधी प्रोपेगेंडा को करारा झटका दिया है. रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में किसी भी विदेशी सरकार की संलिप्तता को साबित नहीं किया जा सका है. यह रिपोर्ट निवर्तमान प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के उन आरोपों पर सवाल खड़ा करती है, जिनमें उन्होंने भारत पर इस हत्या में शामिल होने का दावा किया था.

जांच आयोग की रिपोर्ट में क्या सामने आया?

कनाडा के ‘पब्लिक इंक्वायरी इनटू फॉरेन इंटरफेरेंस इन फेडरल इलेक्टोरल प्रोसेसेस एंड डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशंस’ नामक आयोग की रिपोर्ट मंगलवार को जारी की गई. इस 123 पन्नों की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया कि किसी भी विदेशी सरकार की भागीदारी का कोई निर्णायक प्रमाण नहीं मिला.

रिपोर्ट की मुख्य बातें:

  1. भारत के खिलाफ ट्रूडो के आरोप बेबुनियाद : रिपोर्ट में कहा गया कि ”विदेशी सरकार के साथ कोई निर्णायक संबंध साबित नहीं हो सका.” इससे ट्रूडो के भारत पर लगाए गए आरोपों की सच्चाई पर सवाल उठते हैं.
  2. भ्रामक प्रचार और दुष्प्रचार : आयोग की अध्यक्ष मैरी-जोसे होग ने रिपोर्ट में कहा कि कई बार ”भ्रामक प्रचार का उपयोग एक राज्य के खिलाफ बदले की कार्रवाई के रूप में किया जाता है.”
    1. भारतीय कूटनीति पर हमला : रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि ट्रूडो के आरोपों के बाद भारत से जुड़ा एक दुष्प्रचार अभियान देखा गया, जबकि यह स्पष्ट किया गया कि किसी विदेशी सरकार की संलिप्तता साबित नहीं हुई.
    2. कनाडा में भारतीय राजनयिकों का निष्कासन : रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2024 में कनाडा ने छह भारतीय राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था, जिसके जवाब में भारत ने भी कनाडा के छह राजनयिकों को देश से बाहर कर दिया था.

    ट्रूडो बार-बार सबूत देने में नाकाम

    सितंबर 2023 में, ट्रूडो ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए थे कि भारतीय एजेंटों की भूमिका हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में थी. उन्होंने दावा किया था कि कनाडा के पास ‘विश्वसनीय सबूत’ हैं. भारत सरकार ने इन आरोपों को ‘बेतुका और निराधार’ बताते हुए बार-बार कनाडा से सबूत पेश करने की मांग की. हालांकि, ट्रूडो सबूत देने में पूरी तरह नाकाम रहे और अब जांच आयोग की रिपोर्ट ने भी उनके आरोपों की पुष्टि नहीं की. इस पूरे प्रकरण से भारत-कनाडा संबंध सबसे खराब दौर में पहुंच गए.

    महत्वपूर्ण घटनाक्रम (टाइमलाइन):

    • 18 जून 2023: खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में गोली मारकर हत्या.
    • सितंबर 2023: ट्रूडो ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि कनाडा के पास विश्वसनीय सबूत हैं.
    • अक्टूबर 2023: भारत ने आरोपों को बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया और कनाडा से सबूत देने की मांग की.
    • अक्टूबर 2024: कनाडा ने छह भारतीय राजनयिकों को निष्कासित किया, भारत ने जवाब में छह कनाडाई राजनयिकों को वापस भेजा.
    • जनवरी 2025: ट्रूडो को राजनीतिक समर्थन नहीं मिलने के बाद इस्तीफा देना पड़ा है
    • फरवरी 2025: कनाडा सरकार के विशेष आयोग ने जाँच रिपोर्ट पेश की, जिसमें भारत की संलिप्तता साबित नहीं हुई.

    रिपोर्ट को लेकर भारत की प्रतिक्रिया

    अपने पक्ष में आने के वाबजूद भारत ने रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा है कि कनाडा भारत के मामलों में हस्तक्षेप कर रहा था. भारत की तरफ से कहा गया है कि इसमें भारत की छवि खराब करने की कोशिश की गई है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वास्तव में कनाडा ही लगातार भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा था और खालिस्तानी तत्वों को शह दे रहा था.

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