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9 महीनों के सबसे खराब लेवल पर शेयर बाजार, 3 मिनट में डूबे 1.33 लाख करोड़

मार्च महीने के दूसरे कारोबारी दिन भी शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है. शेयर बाजार खुलने के महज तीन मिनट के भीतर सेंसेक्स में 450 से ज्यादा अंकों की गिरावट देखने को मिली और 9 महीनों के सबसे खराब लेवल पर पहुंच गया. शेयर बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ और यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे वॉर से बना जियो पॉलिटिकल टेंशन है. जानकारों की मानें तो मार्च के महीने में भी शेयर बाजार में गिरावट बनी रह सकती है. वो बात अलग है कि ये गिरावट फरवरी की तरह बड़ी देखने को नहीं मिलेगी. अगर ऐसा हुआ तो यह लगा 6वां महीना होगा जब सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर बंद होंगे. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सेंसेक्स और निफ्टी किस लेवल पर कारोबार कर रहे हैं.

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

मार्च महीने के लगातार दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10 बजे 190 अंकों की गिरावट के साथ 72,897.70 अंकों पर कारोबार कर रहा है. वैसे शेयर बाजार खुलने के महज तीन मिनट के भीतर 452.4 अंकों की गिरावट के साथ 72,633.54 अंकों पर आ गया था. वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. सुबह 10 बजे निफ्टी 64.75 अंकों की गिरावट के साथ 22,054.55 अंकों पर कारोबार कर रहा है. लेकिन कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी 21,964.60 अंकों पर भी दिखाई दिया. सोमवार को भी शेयर बाजार में 100 से ज्यादा अंकों की गिरावट देखने को मिली थी.

9 महीनों के लोअर लेवल पर पहुंचा बाजार

अगर शेयर बाजार के आंकड़ों को देखें तो सेंसेक्स और निफ्टी दोनों की शेयर बाजार खुलने के चंद मिनटों के अंदर करीब 9 महीनों के लोअर लेवल पर पहुंच गए. जून 2024 के बाद जहां सेंसेक्स 72 हजार अंकों से कम पर दिखाई दिया. 5 जून 2024 को अखिरी बार सेंसेक्स कारोबारी सत्र में 71 अंकों के लेवल पर दिखाई दिया था. वहीं दूसरी ओर निफ्टी भी 5 जून के बाद ही पहली बार 22 अंकों से नीचे आते हुए 21 हजार अंकों के लेवन पर दिखाई दी. जानकारों के अनुसार शेयर बाजार में मार्च के महीने में और भी गिरावट देखने को मिल सकती है. एक्सपर्ट का मानना है कि ट्रंप टैरिफ का असर और जियो पॉलिटिकल टेंशन मार्च के पूरे महीने में दिखाई दे सकती है.

किन शेयरों में आई गिरावट

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर गिरावट वाले शेयरों की बात करें तो नेस्ले इंडिया और बजाज ऑटो के शेयरों में 2.50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है. वहीं एचसीएल टेक और इंफोसिस के शेयर डेढ़ फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं. टाइटन के शेयर 1.36 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार करते हुए दिखाई दिए.

अगर तेजी वाले शेयरों की बात करें तो एनएसई पर एसबीआई और बीईएल के शेयारों में करीब 3 फीसदी का इजाफा देखने को मिल रहा है. जो शेयर बाजार को रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं. इंडसइंड और पॉवर​ग्रिड के शेयरों में 1 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखने को मिल रहा है. दूसरी ओर अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर करीब 1 फीसदी की तेजी के साथ ट्रेडिंड कर रहे हैं.

निवेशकों को कितना नुकसान

खास बात तो ये है कि शेयर बाजार में गिरावट की वजह से निवेशकों को आज भी नुकसान हुआ है. महज 3 मिनट में निवेशक की जेब से 1.33 लाख करोड़ रुपए साफ हो गए. सोमवार को जब शेयर बाजार बंद हुआ था तो बीएसई का मार्केट कैप 3,80,21,191.08 करोड़ रुपए था, जोकि मंगलवार को शेयर बाजार खुलने के तीन मिनट के बाद ही घटकर 3,78,87,914.33 करोड़ रुपए पर आ गया. इसका मतलब है कि बीएसई के मार्केट कैप को 1,33,276.75 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ.

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