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कोर्ट में आत्मसमर्पण के बाद जेल भेजे गए पूर्व सांसद उमाकांत यादव, जानिए क्या है मामला?

प्रयागराज: मछलीशहर के पूर्व सांसद उमाकांत यादव ने गुरुवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उनके ऊपर आरोप है कि जौनपुर के शाहगंज रेलवे स्टेशन पर सिपाही अजय सिंह की गोली मारकर हत्या की है। कोर्ट ने उनका बयान दर्ज करने के बाद न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया। इस मामले में अगली सुनवाई 20 मार्च को होगी।

बता दें कि पूर्व सांसद उमाकांत यादव अपने अधिवक्ता के साथ जज डॉ बालमुकुंद की कोर्ट में हाजिर हुए। पूर्व सांसद के अधिवक्ता ने बताया कि 29 फरवरी 2020 को उनका बयान अंकित करने के लिए पत्रावली में तारीख नीयत थी। वह अदालत में उपस्थित भी थे, लेकिन हाई ब्लडप्रेशर और किडनी में इन्फेक्शन तथा सीने में दर्द होने के कारण डॉक्टर को दिखाने चले गए। उनकी अधिवक्ता की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे कोर्ट ने खारिज करके गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। इसलिए उसके विरुद्ध जारी गैरजमानती वारंट निरस्त कर दिया जाए और आगे की कार्रवाई की जाए।

वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी जय गोविंद उपाध्याय एवं विशेष लोक अभियोजक विवेक कुमार सिंह ने इसका विरोध किया और कहा कि गैरहाजिरी के कारण मामला लंबित है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के पश्चात कहा कि उमाकांत यादव बार-बार अनुपस्थित रह कर इस मुकदमे को लंबित कर रहा है, इसलिए प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाता है और आरोपी को जेल भेजा जाए।

गौरतलब है कि जौनपुर के शाहगंज जीआरपी थाने में जीआरपी चौकी के सिपाही रघुनाथ सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था कि 4 फरवरी 1995 को प्लेटफार्म पर दो व्यक्तियों के बीच हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों को पुलिस चौकी में पुलिस द्वारा लाया गया। आरोपियों ने असलहे से लैस होकर पुलिस चौकी पर अंधाधुंध फायरिंग की। दिन में 2:30 बजे घटी इस घटना में प्लेटफार्म पर उपस्थित कांस्टेबल अजय सिंह की मौत हो गई तथा कई कांस्टेबल, रेलवे कर्मचारी घायल हो गए। पुलिस ने जांच के दौरान उमाकांत यादव, रामकुमार यादव, सभाजीत पाल, धर्मराज, महेंद्र प्रसाद वर्मा, सूबेदार तथा बच्चू लाल को आरोपी बनाया था।

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