ब्रेकिंग
नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने पर कैलाश विजयवर्गीय की दो टूक, कहा- आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीतेंग... दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर भाजपा में घमासान, समर्थकों का प्रदर्शन और पथराव MP Crime News: लवकुशनगर में 8वीं के छात्र के साथ कुकर्म, आरोपी सरकारी कर्मचारी सलाखों के पीछे मुजफ्फरनगर: कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर चढ़कर युवक ने कोतवाल को दी वर्दी उतरवाने की धमकी, वीडियो व... IND vs ENG: साउथैम्प्टन में टीम इंडिया की साख दांव पर, क्या नंबर 1 का ताज बचा पाएंगे रोहित? टीवी एक्टर रोहित चंदेल गिरफ्तार: नाबालिग का पीछा करने और मारपीट के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई स्पेन में जंगल की आग का तांडव: 12 लोगों की मौत, 23 लापता; यूरोप में भीषण गर्मी का कहर Sony RX10 V लॉन्च: 25x ऑप्टिकल ज़ूम और AI फीचर्स वाला दमदार कैमरा, जानें कीमत और खूबियां Shani Dev Puja: शनिवार को न करें ये काम, वरना झेलना पड़ सकता है शनिदेव का प्रकोप! झड़ते बालों से हैं परेशान? जिंक की कमी के लक्षणों को पहचानें और डाइट में शामिल करें ये चीजें
देश

बोरवेल से फतेहवीर को निकाला गया बाहर, डॉक्टरों ने की मौत की पुष्टि

संगरूरः डेढ़ सौ फुट गहरे बोरवेल में गिरे दो साल के बच्चे फतेहवीर सिंह को 5 दिन बाद बाहर निकाला गया है, जिसे चंडीगढ़ के PGI अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।फतेह का 10 बजे पोस्टमार्टम किया जाएगा। फतेहवीर की मौत की खबरों के बाद लोग घटना स्थल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। संगरूर के गांव भगवानपुरा गांव में अपने घर के पास सूखे पड़े इस बोरवेल में गुरूवार शाम को फतेहवीर गिर गया था। फतेहवीर खेलते हुए वहां पहुंचा और उसमें गिर गया। फतेह अपने मां-बाप री इकलौती संतान थी। बचाव दल रविवार को उसके करीब पहुंच गया था लेकिन उसे निकाला नहीं जा सका क्योंकि कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आ गईं थीं।

अधिकारियों ने बताया कि बच्चे को खाना पीना तो नहीं दिया गया था, लेकिन ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही थी। बचाव दल में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस, नागरिक प्रशासन, ग्रामीण और स्वयं सेवी लोग शामिल थे। ये लोग तपती गर्मी की परवाह किए बगैर पूरी मेहनत से बचाव अभियान चला रहे थे।

घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम जमा हो गया था और बच्चे को बचाने की प्रार्थनाओं का अनवरत सिलसिला जारी था।

इस घटना से कुरूक्षेत्र में 2006 में गिरे बच्चे प्रिंस को बचाने की याद ताजा हो गई हैं। प्रिंस को करीब 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाल लिया गया था। पर फतेहवीर को बाहर निकालने में 5 दिन लग गए,पर फिर भी उसे बचाया नहीं जा सका। बोरवैल में काफी समय रहने के कारण उसका शरीर गल चुका था,कहा जा रहा है कि उसकी मौत 2 दिन पहले ही हो चुकी थी।

इस तरह हुआ हादसा
गौरतलब है कि सुनाम इलाके में पड़ते सुगरूर जिले के गांव भगवानपुरा निवासी सुखविंदर सिंह का परिवार खेत में काम कर रहा था। इस दौरान उनका खेल रहा 2 साल का बेटा फतेहवीर सिंह न जाने कब उस तरफ चला गया, जहां पिछले 10 साल से बंद पड़े बोरवेल को प्लास्टिक की बोरी से ढ़क रखा था। धूप और बारिश वगैरह में कमजोर हो चुकी बोरी पर जैसे ही बच्चे का पैर पड़ा, वह उसी में ही उलझकर बोरवैल में नीचे चला गया। बच्चा 120 फुट गहराई और 9 इंच की पाइप में फंस गया था। बच्चे के नीचे गिरने का पता चलते ही घर वालों के हाथ-पैर फूल गए। उन्होंने आनन-फानन में पुलिस प्रशासन को सूचित किया। प्रशासन घटनास्थल पर हाजिर हो गया व तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। बच्चे को निकालने के लिए एन.डी.आर.एफ., डेरा प्रेमी और आर्मी की टीमें जुटी रही थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button