ब्रेकिंग
Supreme Court Ruling: सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला— बच्चों का इंटरनेट इस्तेमाल करना है मौलिक अधिकार Kota Medical College News: कोटा में प्रसूता की संदिग्ध मौत पर हंगामा, सीजेरियन डिलीवरी और इंजेक्शन ल... Banda Road Accident News: उत्तर प्रदेश के बांदा में तेज रफ्तार बाइक ने महिला को मारी टक्कर, इलाज के ... Yogi Adityanath on Navratri 2026: सीएम योगी ने की मां कालरात्रि की आराधना, कहा— '2017 से पहले प्रदेश... RG Kar Medical College Case: आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को मिली जमानत, समिक भट्टाचार्य का ... Pregnancy Scan Guide: प्रेगनेंसी में अल्ट्रासाउंड क्यों जरूरी है और डॉक्टर एमआरआई (MRI) कराने से क्य... Greater Noida Mystery: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में एक ही परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध मौत, फूड पॉइजन... Meerut Saurabh Rajput Murder Case: मौत की सजा पाने वाली मुस्कान अब जाएगी हाईकोर्ट, जेल प्रशासन से मा... Lucknow Shiva Sharma Murder Case: करोड़पति कारोबारी हत्याकांड के 9 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर... CJP Founder Abhijit Dipke Bail: कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके को कोर्ट से मिली जमानत, 50...
दिल्ली/NCR

दुबई से बैठकर भारत में लग्जरी गाड़ियों की चोरी, पार्ट्स को काटकर ब्लैक मार्केट में बेचते; चाचा-भतीजे के गैंग की कहानी

दिल्ली पुलिस की सिमी ब्रांच (ARSC) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस गैंग के तार दुबई से जुड़े पाए गए हैं, जहां से इसका मास्टर माइंड शारिक साठा और उसका भतीजा आमिर पाशा पूरे नेटवर्क को चला रहे थे. पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 15 महंगी चोरी की गाड़ियां बरामद की हैं. इसके अलावा नकली नंबर प्लेट, फर्जी आरसी और डुप्लीकेट चाबियां भी बरामद की गई हैं.

क्राइम ब्रांच की डीसीपी अपूर्वा गुप्ता ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत आरोपी ताज मोहम्मद उर्फ ताजू की गिरफ्तारी से हुई, जिसे 18 अगस्त 2024 को पकड़ा गया था. पूछताछ में ताज ने गिरोह के पूरे ढांचे का खुलासा किया. इसके बाद पुलिस ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में छापेमारी कर अन्य आरोपियों को पकड़ा. 26 फरवरी 2025 को aतीन और आरोपियों को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर पकड़ा गया, जब वो चोरी की गाड़ियों को लेकर जा रहे थे.

गिरोह का मास्टरमाइंड दुबई से करता था संचालन

क्राइम ब्रांच की डीसीपी ने बताया कि गिरोह का मास्टर माइंड शारिक साठा और आमिर पाशा दुबई से पूरे नेटवर्क का संचालन करते थे. वह तकनीकी उपकरण जैसे कि की-प्रोग्रामर, ब्लैंक चाबी और जीपीएस स्कैनर भारत भेजते थे. गिरोह के सदस्य एक-दूसरे की पहचान नहीं रखते थे, जिससे पुलिस तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था. ताज मोहम्मद के अलावा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इमरान खान उर्फ गुड्डू, कुनाल जयसवाल, अकबर, मतीन खान, नागेंद्र सिंह, मनीष आर्य और नदीम के रूप में हुई है.

पुलिस ने ये गाड़ियांं की बरामद

डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने कुल 15 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं, जिनमें हुंडई क्रेटा, किआ सेल्टोस, टोयोटा फॉर्च्यूनर, मारुति स्विफ्ट, और इनोवा जैसी महंगी कारें शामिल हैं. अपूर्वा गुप्ता ने बताया कि गिरोह का काम करने का तरीका अलग था. गाड़ियां कम निगरानी वाले इलाकों से चुनी जाती थीं. फिर हाईटेक उपकरणों की मदद से गाड़ियों के सुरक्षा सिस्टम हैक कर उन्हें चुराया जाता था. जीपीएस ट्रैकर निष्क्रिय किए जाते थे, ताकि गाड़ियों का पता न चल सके.

क्राइम ब्रांच अब भी इस केस में कर रही छापेमारी

इसके बाद गाड़ियां अलग-अलग राज्यों में भेजी जाती थीं, जहां या तो उन्हें पूरा बेच दिया जाता या पार्ट्स में काटकर ब्लैक मार्केट में बेचा जाता था. कारों को चुराने के लिए चाबी और खास मशीने चीन से आती थीं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब भी इस केस में छापेमारी कर रही है. मुख्य आरोपी शारिक साठा और आमिर पाशा समेत कुछ सदस्य अभी फरार हैं, जिनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया गया है.

शारिक साठा के ऊपर दिल्ली पुलिस ने मकोका लगाया है. दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि संगठित अपराध और हाईटेक वाहन चोरी पर लगाम लगाना अब उसकी प्राथमिकता बन चुका है. इस कामयाबी ने न केवल कई चोरी के मामलों को सुलझाया है, बल्कि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह को भी तोड़ा है.

Related Articles

Back to top button