ब्रेकिंग
Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र... जबलपुर पहुंचे CM मोहन यादव का बड़ा दावा: 'अगर सुभाष चंद्र बोस के हाथ में होती कांग्रेस की कमान, तो क... Gwalior News: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का पर्दाफाश; मानसिक रूप से कमजोर युवक से शादी कर 2 ल... Mandala Crime: शादीशुदा प्रेमिका के घर पिस्टल लेकर घुसा सनकी आशिक, दुष्कर्म के बाद पुलिस की गाड़ी को... टी20 वर्ल्ड कप से पहले खतरे की घंटी! नागपुर में जीत के बाद भी क्यों डरे हुए हैं भारतीय फैंस? फील्डिं... Gaza Peace Deal: हमास छोड़ेगा हथियार और लड़ेगा चुनाव! अमेरिका के साथ हुई ऐतिहासिक डील, फिलिस्तीन की ...
मध्यप्रदेश

शादी की खुशियां मातम में बदलीं! दूल्हे को लग गई थी हल्दी, फिर अचानक उठा सीने में दर्द; मौत

मध्य प्रदेश के शिवपुरी-जिले के पोहरी विधानसभा के भटनावर गांव में एक परिवार में बेटे की शादी की तैयारियां चल रही थीं. वैवाहिक कार्यक्रम शुरू हो गाए थे. इसी दौरान गुरूवार की देर रात अचानक पूर्णतः स्वस्थ दूल्हे के सीने में अचानक से दर्द उठा. परिवार वाले उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन डाक्टर उसका इलाज कर पाते उससे पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं.

जिस बेटे का सेहरा सजाने की तैयारी चल रही थी, नियति ने उसकी अर्थी सजवा दी. जानकारी के अनुसार भटनावर गांव के निवासी 30 वर्षीय कुलदीप नामदेव की 5 मई को शादी होनी थी. घर में वैवाहिक कार्यक्रमों की रस्में शुरू हो चुकी थीं. दूल्हे को हल्दी भी लगा दी गई. इसी दौरान 1 मई की देर रात अचानक से कुलदीप के सीने में दर्द उठा तो परिवार वाले उसे गांव के एक प्राइवेट डाक्टर के यहां ले गए.

परिवार वालों ने क्या कहा?

उक्त डाक्टर ने परिवार वालों को सलाह दी कि वह उसे तत्काल शिवपुरी ले जाएं. डाक्टर की सलाह पर कुलदीप के परिवार वाले उसे तत्काल शिवपुरी के सिद्धी विनायक हास्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उसका चैकअप किया तो कुलदीप की मौत हो चुकी थी. परिवार वालों का कहना है कि कुलदीप पूरी तरह से स्वस्थ था.

परिवार वालों ने कहा कि उसे कभी किसी भी तरह की बीमारी नहीं रही, लेकिन अचानक से उठे दर्द ने उसे इलाज का मौका ही नहीं दिया. 2 मई को कुलदीप के घर में रतजगे की रस्म अदा की जानी थी, लेकिन उसका अंतिम संस्कार किया गया.

Related Articles

Back to top button