MP Transfer Policy 2026: मध्य प्रदेश में जल्द हटेगा तबादला बैन; CM मोहन यादव की घोषणा, इस महीने से शुरू होंगे ट्रांसफर

भोपाल : मध्य प्रदेश के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी जानकारी निकलकर सामने आई है। मोहन सरकार 12 मई के बाद कभी भी तबादलों पर बैन हटा सकता है। राज्य के कर्मचारी 15 जून तक तबादला करा सकेंगे। यह फैसला सीएम मोहन के मीटिंग में अचानक पूछे सवाल के बाद लिया गया। दरअसल, मंगलवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में सीएम मोहन यादव ने अचानक ही तबादला नीति पर अफसरों से सवाल पूछा कि इस पर कितना काम हुआ तो जवाब आया कि सब कुछ तैयार है, बस कुछ बिंदुओं पर चर्चा बाकी है।
तबादला नीति का पिछले लंबे समय से इंतजार है। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा तबादला नीति पर अचानक संज्ञान लेने से तय है कि यह अगली कैबिनेट में तबादला नीति लाई जाना तय है। बताया जा रहा है कि अगली कैबिनेट बैठक में तबादला नीति को पेश किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो सीएम ने मुख्य सचिव अनुराग जैन और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मसौदा उन्होंने कहा है कि तबादलों का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। कहा जा रहा है कि 12 मई के बाद कभी भी तबादलों पर लगा बैन हट सकता है। हालांकि, सरकार इस बार केवल आवश्यक तबादले ही करेगी।
क्या है नई तबादला नीति
राज्य में अब तबादलों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था लागू की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, विभागीय मंत्री को एक जिले से दूसरे जिले में तबादला करने की अनुमति रहेगी, जबकि प्रभारी मंत्रियों को जिले के भीतर ही तबादले का अधिकार दिया जाएगा।
कुछ विशेष मामलों में आवेदन पहले विभाग प्रमुखों के पास जाएंगे और फिर विभागीय मंत्री या प्रभारी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। पिछले वर्ष 1 मई से तबादले शुरू किए गए थे, जिसमें पहली बार चार स्लैब बनाए गए और तबादलों का दायरा 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ाया गया था।
मध्यप्रदेश में बनेगा व्यापारी कल्याण बोर्ड
मध्यप्रदेश में अब व्यापारी और उद्योग जगत के हितों के लिए राज्य स्तरीय व्यापारी कल्याण बोर्ड बनाया जाएगा। यह कदम पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के बाद उठाया जा रहा है।
यह बोर्ड राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की तर्ज पर काम करेगा। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे, जबकि MSME मंत्री और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा उद्योग विशेषज्ञ इसके सदस्य होंगे।






