ब्रेकिंग
Divyanka Tripathi Motherhood: शादी के 10 साल बाद मां बनीं दिव्यांका त्रिपाठी; जुड़वा बेटों की पहली झल... ICC Women's T20 World Cup 2026: महिला टी20 वर्ल्ड कप में प्राइज मनी का बड़ा ऐलान; विजेता को मिलेंगे 2... Khagaria News: खगड़िया में आसमानी बिजली का कहर; खेत में काम कर रहे पिता-पुत्र समेत 5 लोगों की मौत Weather Alert: दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट; जानें कब तक दस्तक देगा मानसून... Boeing 787 Mystery: अहमदाबाद विमान हादसे के पीछे क्या थी तकनीकी खराबी? कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर का सबसे ... Delhi Coaching Centers News: कोचिंग संस्थानों के लिए कड़े नियम; दिल्ली सरकार लाएगी व्यापक नियामक ढांच... Begusarai Road Accident: बेगूसराय में भीषण सड़क हादसा; मधेपुरा के 3 थानाध्यक्षों और चालक की दर्दनाक ... Delhi Fire News: तुगलकाबाद की बिल्डिंग में लगी भीषण आग; पार्किंग में खड़ी गाड़ियां बनीं मौत का कारण, 3... Varanasi News: नर्सिंग छात्रा की मौत मामले में बॉयफ्रेंड गिरफ्तार; प्रेगनेंसी छिपाने के लिए खिलाई थी... Kota Mahant Murder Case: चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज हत्याकांड का खुलासा; संपत्ति के विवाद मे...
राजस्थान

अकबर ने राजकुमारी से नहीं, नौकरानी से की थी शादी…राज्यपाल ने किया दावा

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने यह दावा करके विवाद खड़ा कर दिया कि मुगल बादशाह अकबर ने राजकुमारी से नहीं बल्कि आमेर की एक महल की नौकरानी से शादी की थी. उन्होंने सदियों पुरानी ऐतिहासिक सहमति को चुनौती दी और ब्रिटिश इतिहासकारों पर भारत के अतीत को विकृत करने का आरोप लगाया. महाराणा प्रताप की जयंती की पूर्व संध्या पर बुधवार को बागड़े ने कहा कि ऐसा कहा जाता है कि जोधा और अकबर ने शादी की थी.

उन्होंने कहा कि इस कहानी पर एक फिल्म भी बनाई गई थी. इतिहास की किताबें भी यही कहती हैं, लेकिन यह झूठ है. बागड़े ने कहा कि अकबर की पत्नी कोई शाही नहीं बल्कि एक नौकरानी की बेटी थी और आमेर के राजा भारमल ने शादी की व्यवस्था की थी, लेकिन इसमें कोई राजकुमारी शामिल नहीं थी.

अकबरनामा का दिया हवाला

अकबर हरिभाऊ ने अपने दावे के समर्थन में अकबरनामा में जोधाबाई का कोई उल्लेख न होने का हवाला दिया. अकबरनामा अकबर के शासनकाल का आधिकारिक रिकॉर्ड है. ऐतिहासिक रूप से माना जाता है कि अकबर ने रणनीतिक गठबंधन के तहत 1569 में भारमल की बेटी से शादी की थी. इतिहासकार उसे हरका बाई या मरियम-उज़-ज़मानी के नाम से जानते थे.

राज्यपाल ने कहा कि महाराणा प्रताप ने कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया. इतिहास में अकबर के बारे में ज्यादा पढ़ाया जाता है और महाराणा प्रताप के बारे में कम. हालांकि, राज्यपाल बागड़े ने कहा कि अब स्थिति में सुधार हो रहा है. उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हमारी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है.

राज्यपाल बागड़े ने महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज की देशभक्ति के प्रतीक के रूप में प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि उनके जन्म में 90 साल का अंतर है. अगर वे समकालीन होते तो देश का इतिहास अलग होता. दोनों को वीरता और देशभक्ति के एक ही नजरिए से देखा जाता है. राज्यपाल बागड़े ने यह भी कहा कि उनके सम्मान में महाराष्ट्र के संभाजीनगर में महाराणा प्रताप की घुड़सवार प्रतिमा स्थापित की गई है.

Related Articles

Back to top button