ब्रेकिंग
Supreme Court Ruling: सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला— बच्चों का इंटरनेट इस्तेमाल करना है मौलिक अधिकार Kota Medical College News: कोटा में प्रसूता की संदिग्ध मौत पर हंगामा, सीजेरियन डिलीवरी और इंजेक्शन ल... Banda Road Accident News: उत्तर प्रदेश के बांदा में तेज रफ्तार बाइक ने महिला को मारी टक्कर, इलाज के ... Yogi Adityanath on Navratri 2026: सीएम योगी ने की मां कालरात्रि की आराधना, कहा— '2017 से पहले प्रदेश... RG Kar Medical College Case: आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को मिली जमानत, समिक भट्टाचार्य का ... Pregnancy Scan Guide: प्रेगनेंसी में अल्ट्रासाउंड क्यों जरूरी है और डॉक्टर एमआरआई (MRI) कराने से क्य... Greater Noida Mystery: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में एक ही परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध मौत, फूड पॉइजन... Meerut Saurabh Rajput Murder Case: मौत की सजा पाने वाली मुस्कान अब जाएगी हाईकोर्ट, जेल प्रशासन से मा... Lucknow Shiva Sharma Murder Case: करोड़पति कारोबारी हत्याकांड के 9 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर... CJP Founder Abhijit Dipke Bail: कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके को कोर्ट से मिली जमानत, 50...
दिल्ली/NCR

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नकली कैंसर की दवाओं का बड़ा रैकेट पकड़ा, 6 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कैंसर की महंगी, लेकिन नकली दवाएं बेचने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने राजधानी के तीन इलाकों लक्ष्मी नगर, बुड्ढ विहार और चांदनी चौक में एक साथ छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया और लाखों रुपए की नकली और प्रतिबंधित दवाएं बरामद की हैं.

गिरोह महंगी कैंसर की दवाएं जैसे Opdivo, Keytruda, Erbitux, Lenvima जैसी दवाएं नकली रूप में बेच रहा था. ये दवाएं मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रही थीं, क्योंकि ये बिना रजिस्ट्रेशन और बिना अनुमति के बनाई और बेची जा रही थीं.

कैसा चलाया गया ऑपरेशन?

क्राइम ब्रांच के डीसीपी विक्रम सिंह के मुताबिक, लगातार मिल रही शिकायतों के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने इस गिरोह की धरपकड़ के लिए प्लान तैयार किया. एएसआई संदीप चावला को एक विश्वसनीय सूत्र से सूचना मिली कि राजधानी के तीन इलाकों में नकली दवाओं का रैकेट सक्रिय है. इसके बाद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा और एसीपी यशपाल सिंह की निगरानी में तीन टीमें बनाई गईं और तीनों ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए.

तीनों ठिकानों से क्या बरामद हुआ?

  • लक्ष्मी नगर में छापा मारकर नीरज कुमार और अनिल कुमार को गिरफ्तार किया गया. इनके पास से 5 नकली Opdivo इंजेक्शन बरामद हुए.
  • बुड्ढ विहार से क्राइम ब्रांच ने धनेश शर्मा और धीरेज कुमार को पकड़ा. इनके पास से Erbitux, Lenvima और Opdivo जैसे इंजेक्शन और कैप्सूल मिले, जिनकी बिक्री भारत में प्रतिबंधित है.
  • चांदनी चौक से रोहित भट्टी और ज्योति ग्रोवर को पकड़ा गया. यहां से 20 डिब्बे Xolair, 5 Hemlibra, 3 Dupixent, Keytruda, Venclyxto समेत कई अन्य जीवनरक्षक दवाएं बरामद की गईं.

पुलिस जांच में पता चला कि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड नवीन आर्य है, जो पहले भी इसी तरह के मामले में जेल जा चुका है. जमानत पर छूटकर आते ही उसने यह काम फिर शुरू कर दिया, क्योंकि इसमें मोटा मुनाफा होता है.

कैसे बनाते थे कैंसर मरीजों को शिकार?

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे सोशल मीडिया के जरिए कैंसर मरीजों को ढूंढते थे. जहां कैंसर मरीज अपनी दवाओं की डिमांड के लिए पोस्ट करते थे, वहां ये लोग सस्ते दामों में दवा देने का लालच देते थे. असली दवाएं जो बाजार में ₹1.5 लाख से ₹2 लाख में मिलती हैं, उन्हें ये ₹50,000 से ₹70,000 में बेच देते थे. मरीज मजबूरी में इन्हें खरीद लेते थे, ये सोचकर कि ये असली दवाएं हैं.

जब्त दवाओं की लिस्ट

  • Opdivo इंजेक्शन 19
  • Xolair 20 डिब्बे
  • Hemlibra 5
  • Dupixent 3
  • Keytruda 1
  • Erbitux 3
  • Lenvima 3
  • Venclyxto 2
  • Ponaxen 1 डिब्बा (30 टैबलेट)

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नीरज कुमार, अनिल कुमार, धनेश शर्मा, धीरेज कुमार, ज्योति ग्रोवर और प्रवीन कुमार को अलग-अलग शहरों से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं में केस दर्ज किया है.

Related Articles

Back to top button