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गुजरात

BJ मेडिकल कॉलेज के 3 स्टूडेंट्स की मौत, हॉस्टल पर गिरा अहमदाबाद से लंदन जा रहा विमान

अहमदाबाद के प्लेन क्रैश में बड़ा खुलासा बीजे मेडिकल कॉलेज के 3 छात्रों की मौत. आरडीए बीजे मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष और एफएआईएमए के उपाध्यक्ष डॉ. धवल गमेती ने बताया कि हादसे में अब तक लगभग 50 से 60 एमबीबीएस छात्र भर्ती हुए हैं और लगभग सभी की हालत स्थिर बनी हुई है. जिसमें 4-5 छात्र अभी भी लापता हैं.

12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन जा रहे एयर इंडिया के विमान AI-171 के टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद मेघानीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त होने से भारी तबाही मची. यह बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल मेस में जा टकराया, जिसमें कई MBBS छात्र घायल हो गए और कुछ लापता हैं. फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने इस दिलदहला देने वाली घटना पर गहरा दुख जताया.

क्या है पूरा मामला?

एयर इंडिया का यह विमान दोपहर 1:38 बजे टेकऑफ करने के कुछ ही मिनट बाद मेघानीनगर के पास क्रैश हो गया. विमान में 242 लोग सवार थे जिसमें यात्री और सभी क्रू मेंबर्स शामिल है. इस क्रैश में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान ने टेकऑफ के बाद मेडे कॉल जारी किया और इसके बाद हवाई यातायात नियंत्रण (ATS) से संपर्क टूट गया. हादसे में विमान के कई यात्री मृत पाए गए हैं और बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में मौजूद छात्र भी इसकी चपेट में आ गए.

FAIMA के अनुसार इस हादसे में 50-60 MBBS छात्र घायल हुए हैं. जो वर्तमान में सिविल अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी स्थिति स्थिर है. हालांकि 4-5 छात्र अभी भी लापता हैं, और 2-3 छात्र HDU (High Dependency Unit) और ICU (Intensive Care Unit) में भर्ती हैं. इसके अलावा कुछ सुपर स्पेशलिस्ट रेजिडेंट डॉक्टरों के 3-4 रिश्तेदार भी लापता हैं, और एक डॉक्टर की पत्नी की मृत्यु की पुष्टि हुई है.

FAIMA की अपील

FAIMA ने इस संकट की घड़ी में लोगों से शांत रहने और रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की है. संगठन ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि ‘हम अहमदाबाद में हुए विमान हादसे से स्तब्ध हैं. यह और भी दुखद है कि विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जा टकराया, जिसमें कई MBBS छात्र घायल हुए हैं. हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और हरसंभव मदद के लिए तैयार हैं.’

मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों के साथ हैं: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे को ‘हृदयविदारक’ बताते हुए कहा कि ‘यह त्रासदी हमें स्तब्ध और दुखी कर गई है. मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों के साथ हैं. मैं मंत्रियों और अधिकारियों के संपर्क में हूं, जो प्रभावितों की मदद के लिए काम कर रहे हैं.’ ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी इस हादसे पर दुख जताया और कहा कि उनकी संवेदनाएं यात्रियों और उनके परिवारों के साथ हैं.

IMA-MSN का एकजुट प्रयास

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मेडिकल स्टूडेंट्स नेटवर्क (IMA-MSN) ने भी गुजरात के मेडिकल छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई है. संगठन ने राहत कार्यों के लिए वित्तीय सहायता, रक्तदान शिविरों का आयोजन और स्वयंसेवकों की मदद की पेशकश की है. IMA-MSN ने कहा कि ‘यह केवल गुजरात की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे मेडिकल छात्र समुदाय की त्रासदी है. हम एक परिवार की तरह एकजुट हैं और हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे.’

रक्तदान क्यों जरूरी है?

FAIMA ने ब्लड डोनेशन के लिए नेशनल कॉल दिया है. एसोसिएशन के चीफ डॉक्टर रोहन कृष्णनन ने बताया कि ‘सभी ब्लड डोनेट करके घायलों की मदद कर सकते हैं, क्योंकि बर्न केस में सबसे पहले इसी की जरूरत होती है. रक्तदान से न केवल घायलों की जान बच सकती है, बल्कि यह मानवता की सेवा का भी सबसे बेहतरीन मौका है. इस हादसे में कई लोग घायल हैं और अस्पतालों में रक्त की भारी जरूरत है. आपका छोटा सा योगदान किसी की जिंदगी को नया मौका दे सकता है.’

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