ब्रेकिंग
गुरुग्राम में मूसलाधार बारिश से सड़कें बनीं दरिया: दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर लगा भीषण जाम, वर्क फ्... हिल स्टेशन पचमढ़ी में दिल दहला देने वाली वारदात: जंगल में ले जाकर 17 वर्षीय छात्रा से सामूहिक दुष्कर... IRCTC अधिकृत एजेंट पर नहीं चलेगा रेलवे एक्ट की धारा 143 का केस: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रद्द किया क्... एमपी-यूपी बॉर्डर पर चंबल पुल पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, जाली से लटका दुष्कर्म का आरोपी युवक 'स्किल नई करेंसी और इनोवेशन नई इकॉनॉमी': समृद्ध मध्य प्रदेश 2047 में बोले सीएम डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली में गौरव सम्मान समारोह-2026, प्रिया थरेजा के आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाएं सम्म... छिंदवाड़ा में भारी बारिश के मौसम में भी गहराया पेयजल संकट: 147 में से 96 तालाब सूखे, महीने में 15 दि... खजुराहो के मतंगेश्वर महादेव: हर साल बढ़ता है रहस्यमयी जीवित शिवलिंग, सावन के अंतिम सोमवार उमड़ा जनसै... रतलाम कृषि मंडी में अचानक छुट्टी पर भड़के किसान: 600 प्याज की ट्रालियां खड़ी कर महू-नीमच रोड किया जा... 'ट्रस्ट में आंदोलन से जुड़े लोग नहीं': राम मंदिर विवाद और 'जैन-जी' आंदोलन पर बोले भोजपाली बाबा रविंद...
देश

केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला, तीन तलाक पर संसद में नया बिल लाएगी मोदी सरकार

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मुस्लिम समाज में तीन तलाक की कुप्रथा पर रोक लगाने के लिए लागू दूसरे अध्यादेश के स्थान पर लाये जाने वाले मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकार का संरक्षण) विधेयक 2019 के मसौदे को आज मंजूरी दे दी। सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यहां संवाददाताओं को मंत्रिमंडल के फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए यह बताया।

PunjabKesari
मोदी सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ नारे के अनुरूप लैंगिक समानता एवं लैंगिक न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कानून बनाने का फैसला किया है। इस विधेयक में विवाहित मुस्लिम महिलाओं को उनके पतियों द्वारा ‘तलाक ए बिद्दत’ की प्रथा का इस्तेमाल अवैध ठहराया गया है और इसे दंडनीय अपराध बनाया गया है। इस विधेयक को संसद के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।
विधेयक के मसौदे के अनुसार तलाक ए बिद्दत अवैध होगा और ऐसा करने वाले पुरुष को तीन साल तक की कैद एवं जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा विवाहित मुस्लिम महिला एवं उसके बच्चों को गुजारा भत्ता देने की व्यवस्था होगी।
अभियुक्त को पीड़ित महिला का पक्ष सुनने के बाद ही मजिस्ट्रेट की अदालत से जमानत मिल सकेगी। पीड़ति महिला या उसके रिश्तेदार ही सिफर् प्राथमिकी दर्ज करा सकेंगे तथा अदालत में महिला और पुरूष के बीच आपसी समझौता भी हो सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button