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मध्यप्रदेश

सिंगरौली में अनुशासनहीनता की इंतहा! डाटा एंट्री ऑपरेटर भी नहीं करते SDM के आदेश का पालन

सिंगरौली : मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठ रहकर कार्य करने के कितने ही पाठ पढ़ा ले, मुख्यमंत्री अधिकारियों को भले ही मंचों से नसीहत देते नजर आएं लेकिन शासकीय विभागों में उनकी बात को बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लिया जाता है। अधिकारी आदेश निर्देश देकर खानापूर्ति तो कर देते हैं लेकिन अपने ही आदेशों का पालन करवाने में कोई रुचि नहीं लेते हैं। इसका ताजा उदाहरण बरगवां तहसील से भारमुक्त हो चुकी कार्यालय सहायक सह डाटा एंट्री ऑपरेटर काजल गुप्ता है।

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देवसर उपखण्ड अधिकारी ने काजल गुप्ता को बरगवां तहसील से भारमुक्त करने का आदेश 3 माह पहले ही दिया था। 11 अप्रैल 2025 को दिए आदेश में काजल गुप्ता को सरई तहसील में संलग्न किया गया था। 3 माह बाद भी डाटा एंट्री ऑपरेटर बरगवां में ही कार्य कर रही है।

दरअसल सरई तहसील में पदस्थ तीन सहायक वर्ग-3 में से एक का स्थानांतरण दुधमनिया तहसील के लिए हो गया था। कार्यव्यवस्था प्रभावित होने के कारण सरई तहसीलदार ने लिपिक की मांग की थी। इसी आधार पर उपखण्ड अधिकारी ने काजल गुप्ता को बरगवां से भारमुक्त कर सरई तहसील में संलग्न किया था। लेकिन डाटा एंट्री ऑपरेटर काजल गुप्ता ने उपखण्ड अधिकारी के आदेश का पालन नहीं किया। ऐसे में यह बात साफ है कि जिले में इस अनुशासनहीनता के जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी ही हैं जो सिर्फ आदेश देकर भूल जाते हैं और उन आदेशों का पालन नहीं किया जाता है।

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