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दिल्ली/NCR

दिल्ली, नोएडा-गाजियाबाद समेत इन जिलों में भी नहीं मिलेगा पुराने वाहनों को डीजल-पेट्रोल, देखिए पूरी लिस्ट

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता पर केंद्र के आयोग ने कल मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में समय सीमा पूरी कर चुके गाड़ियों (End-of life, EoL) में फ्यूल भरने पर रोक के कार्यान्वयन को एक नवंबर तक के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है. लेकिन नए फैसले के तहत अब दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अलावा कई अन्य जिलों में भी पुरानी गाड़ियों को डीजल और पेट्रोल नहीं मिलेगा.

ईओएल में 10 साल से अधिक पुरानी डीजल गाड़ी और 15 साल से अधिक पुरानी पेट्रोल गाड़ी आती हैं. पहले जारी निर्देशों के अनुसार, ऐसी गाड़ियों को एक जुलाई से दिल्ली में फ्यूल नहीं दिया जाना था, चाहे वे किसी भी राज्य में रजिस्टर्ड हुई हों.

दिल्ली से सटे HVD जिलों में भी लागू होगा बैन

वायु गुणवत्ता पर केंद्र सरकार की एक समिति वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CQM) ने मंगलवार को एक समीक्षा बैठक में दिल्ली में पहले जारी किए निर्देशों के क्रियान्वयन पर रोक लगाने का फैसला लिया. दिल्ली में अब यह अभियान राष्ट्रीय राजधानी से सटे 5 हाई व्हिकल डेन्सिटी (high-vehicle-density) वाले जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और सोनीपत के साथ इस साल एक नवंबर से शुरू कर दिया जाएगा.

दिल्ली और इससे सटे 5 जिलों के अलावा दिल्ली-एनसीआर से जुड़े अन्य जिलों में यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगी. दिल्ली-एनसीआर में 3 राज्यों के कुल 24 जिले आते हैं, जिसमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और सोनीपत में यह पाबंदी 1 नवंबर 2025 से लागू हो जाएगी. जबकि शेष जिलों जिसमें हरियाणा के नूंह, रोहतक, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जिंद और करनाल के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, हापुड, शामली और मुजफ्फरनगर में अगले साल 1 अप्रैल से यह लागू होगा. दिल्ली-एनसीआर में राजस्थान के 2 जिले आते हैं जिसमें अलवर और भरतपुर शामिल हैं.

दिल्ली के फ्यूल स्टेशनों ने समय सीमा पूरी कर चुकी गाड़ियों का पता लगाने के लिए स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (Automated Number Plate Recognition, ANPR) कैमरे लगाए हैं. अब दिल्ली के अलावा 5 हाई व्हिकल डेन्सिटी जिलों में भी एएनपीआर कैमरे लगाए जा रहे हैं और इसे 31 अक्टूबर तक पूरा करना है.

EoL गाड़ियों को लेकर कानूनी कार्रवाई

निर्देश में यह भी कहा गया है कि ईओएल गाड़ियों के संबंध में तत्काल कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिसमें RVSF Rules, 2021 और संबंधित राज्य सरकारों और GNCTD की अन्य मौजूदा नीतियों के अनुसार जब्त करना और आगे का निपटान शामिल है.

निर्देश संख्या 89 में संशोधन किए जाने से GNCTD को एएनपीआर सिस्टम के कार्यान्वयन में तकनीकी अंतराल को दूर करने के लिए कुछ और समय मिलेगा तथा दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के तहत आने वाले एनसीआर के 5 एचवीडी जिलों यानी गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में एक नवंबर से इसे लागू किया जा सकेगा.

एएनपीआर कैमरा फ्यूल स्टेशनों में तेल भराने आने वाले गाड़ियों की नंबर प्लेट को पढ़ता है और तुरंत सेंट्रल वाहन डेटाबेस (central VAHAN database) से जांच करता है, जो गाड़ियों की आयु, फ्यूल के प्रकार और रजिस्ट्रेशन जैसे डिटेल बताता है. इस दौरान यदि पाया जाता है कि गाड़ी की समय सीमा पूरी हो चुकी है, तो सिस्टम फ्यूल स्टेशन के कर्मचारियों को अलर्ट कर देता है कि वे उसमें फिर से तेल न भराएं. फिर इस गाड़ी को दर्ज कर लिया जाता है और इसे प्रवर्तन एजेंसियों को भेज दिया जाता है. उसके बाद गाड़ियों को जब्त करने और कबाड़ करने जैसी कार्रवाई करती हैं.

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